बेहतर पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए ईंधन की बचत हिन्दी में निवंध – पढे यहाँ Save Fuel For Better Environment And Health Essay In Hindhi

प्रस्तावना :

संसाधन का अर्थ है जो हमें प्राक्रतिक से प्राप्त हुआ है | जिसे हम उपयोग में लाने के लिए कोई पैसे नहीं देने होते या हम उसके लिए किसी भी प्रकार का कोई भुगतान नहीं करना होता हैं | जैसे वृक्ष ,जल, वायु, धुप, शुद्ध वातावरण, मृदा, अग्नि, खनिज जो की भू भाग में स्थित होते है |

संसाधनों का मनुष्यों द्वारा उपयोग 

आज हम आधुनिक युग में जिस किसी भी प्रकार का ईंधन तथा उर्जा को हम उपयोग में लाते है उसे हम संसाधन कहते है |

जब कभी भी एक रासायनिक या परमाणु प्रतिक्रिया द्वारा कोई अविष्कार होता है तब उसे उपयोग में लाने हेतु हमें कुछ ईंधन की आवश्यकता होती है जिसे हम डीजल, पेट्रोल ,कोयला ,खाद्य तेल तथा उर्जा प्रदान करने वाले हर खनिज के नाम इ जानते हैं |

आज के इस आधुनिक जीवन में मनुष्य इसका बड़े ही बेढंग तरीके से उपयोग कर रहा है जैसे की सिग्नल पर गाड़ी बंद न करना, स्वयं के निवास स्थान हेतु जंगल में आग लगना तथा पेड़ो की अँधा धून कटाई करना जिससे हमें फल, फुल, औषधियां प्राप्त होता है उसे ही नष्ट कर रहा है |

बेहतर वातावरण हेतु संसाधनों का उचित खपत अर्थात समाधान

हमें सर्वप्रथम वृक्षों को लेकर जागरूक होना चाहिये जिससे की हमें शुद्ध वातावरण मिल सके, इसके लिए हमें जगह जगह वृक्षारोपण करना चाहिये |

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हमें यह भी ज्ञात है की यदि हम सनसाधनो की बचत नहीं करेंगे तो हमारे आने वाले पीडी के लिए संसाधन संपूर्ण मात्र में बचेगा ही नहीं | अतः हमें ईंधन का बहुत जादा जरुरत हो तभी इसका उपयोग करे जिससे की संसाधनों की खपत कम से कम हो सके | जैसे जल भी एक प्रकार का संसाधन है |

औरे जब भी कभी हम कही बहार पिकनिक / होटल में लंच के लिए जाते हैं तब हम केवल लंच ही नहीं करते, बल्कि मनोरंजन के साथ साथ हम नल चालू ही छोड़ देते है जिससे की जल संसाधन का दरुपयोग होता हैं |

अर्थात हमें एक बेहतर वातावरण तब ही प्राप्त होगा जब हम ऐसी प्रकार की संसाधन संपदा का उपयोग बहुत सोच समझ कर करेंगे तथा किसी भी वास्तु का दरुपयोग और प्रदुषण पर नियंत्रण करने पर ही या संभव हैं|

निष्कर्ष :

हमारे भारत देश में खनिज संसाधन का पर्याप्त भंडार स्थित है जिसे हम बखूबी से नष्ट कर रहे है | हम आज न जाने कई बीमारियों से घिरे हुए है हां हमें पता भी है किन्तु हम इसके पार्टी कार्यरत नहीं है |

आज हमें जब कोई विकार /रोग होता है तब हमें चिकित्सक सलाह के रूप में यही कहता है, की सुबह प्रातः उठ कर गार्डन में टहला करो कारण यह है की सुबह शुद्ध वातावरण रहता है और इसी मात्र एक उपाय से हमारा लगभग ५०% तक रोग खत्म हो जाता है |

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संसाधनों की अधिक खपत से ही प्रदुषण होता है और इससे हमारा शरीर अस्वस्थ होता हैं |अतः हमें यह समझ जाना चाहिये की यदि हम अब संसाधनों की बचत नहीं करेंगे तो यह समस्या से निजात पाना असंभव हैं |

Updated: February 22, 2019 — 6:15 am

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