आम पर निबंध हिंदी में – पढे यहाँ Mango Essay In Hindi

प्रस्तावना :

हमारे भारत देश में आम एक बहुत ही प्रशिद्ध फल है जो की फलों का राजा के नाम से भी जाना जाता हैं| सम्पूर्ण विश्व में आम फल की लगभग कुल १५०० प्रजातियाँ पाई जाती है|

और जिसमे से करीब-करीब १००० प्रजातियाँ तो हमारे भारत देश में ही पाई जाती है प्रति वर्ष पुरे विश्व की कुल आम की  ६०% की पैदावार तो भारत देश में ही होती हैं |

आम की रचना 

आम का फल केवल गर्मियों के मौसम में ही पेड़ में लगने शुरू होते है| और यह पहले जब कच्चे होते है, तब यह खट्टे होते है| और जब धीरे-धीरे  गर्मी का मौसम समाप्त होता है और वर्षा ऋतू प्रारंभ ही होने को रहता है,

आम को भिन्न भिन्न नाम हैं जैसे, कश्मीरी,हापूस ,कर्नाटक,लंगड़ा,तोतापय्री ,दशहरी इत्यादि और यह सब भारत देश के निश्चित राज्यों में ही पाए जाते हैं | तब आम के फल मीठे और रस भरे हो जाते हैं| अख्सर से आम हमारे देश में आम को प्यार से कच्ची कैरी के नाम से भी जानते है, और आम का वैज्ञानिक नाम “मंगिफेरा इंडिका” हैं |

वैसे तो आम की कई प्रजातियाँ होने के कारण आम के भिन्न भिन्न रंग भी है, जैसे लाल पिला नारंगी हरा इत्यादि, आम ज्यादा तर कच्चा होने पर हरा रंग का और पकने के बाद मीठा के साथ लाल तथा पिला होता है|

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आम के फायदे 

अख्सर हमें अधिक गर्मी के मौसम में जब गर्मी तैय की कई सीमा से अधिक हो जाती है तब हमें लूँ लग जाती है | तब हम कच्चे आम का पना बनाकर पीते हैं, और इससे हमारे शरीर के तापमान में स्थिरता आती है |

और हमारे शरीर के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध होता है | अतः यह पकने के बाद स्वादिष्ट होने के साथ साथ यह स्वस्थ के लिए बहुत ही लाभ कारी भी सिद्ध हुआ हैं|

भारत के बच्चे बूढ़े आम का समय आते ही भरी दोपहर में आम के पेड़ के पास जाकर पेड़ पर पत्थरो से बारिश कर आम तोड़ते है और आम का सेवन भी करते है |

आम से होनेवाले कुछ नुकशान

ज्यादा आम के सेवन से शरीर में मीठा ज्यादा होता है और इससे हमें शुगर तथा डाबटीस की समस्या उत्पन्न हो जाती है| कभी तो अँधा धून आम का सेवन करने से हमें पुरे शरीर में फोड़ियाँ और कुजली की समस्या भी शुरू हो जाती हैं |

ज्यादा तर लोग आम खाने के जल्दी में आम को साफ़ नहीं करते और उसे बिना साफ़ किये खालेते है और यही गलती उनके लिए कभी कभी खतरा बन जाती है |

निष्कर्ष :

चाहे आम हो चाहे अन्य कोई फल हमें सावधानी से उसे उपयोग में लाना चाहिए |और समय आने पर ही आम का सेवन करना चाहिए | हमें अति कभी भी नहीं करनी चाहिये और न ही किसी भी चीज की आदि होना चाहिए |

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आम पकने के बाद स्वयं ही पेड़ से गिरते है हमें पेड़ पे पत्थरो की वर्षा भी नहीं करनी चाहिये कारण की पेड़ भी सजीव हैं|

Updated: April 15, 2019 — 5:00 am

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