भारतीय चुनाव पर निबंध – पढ़े यहाँ Indian Election Essay In Hindi

प्रस्तावना:

भारत देश में चुनाव यह जनता द्वारा किया जाता हैं | चुनाव यह एक महत्वपूर्ण हैं | समाज का विकास या देश का विकास करने के लिए जनता ऐसे नेता को चुनती हैं, जो जनता का विकास कर सकता हैं |

पुराने ज़माने में भी चुनाव होता था | चुनाव को जनता का आधार माना गया हैं |

चुनाव शब्द का अर्थ –

चुनाव यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हैं – चुन + आव | चुनाव की प्रकिया जनता द्वारा चुनी जाती हैं | यह सरकार प्रजा के द्वारा और प्रजा के लिए बनी हैं | इसलिए भारत के हर नागरिक के लिए यह महत्वपूर्ण हैं |

जब व्यक्ति १८ साल से अधिक हो जायेगा तो वो अपना वोट दे सकता हैं | वोट देने के लिए पहचान पत्र होना जरुरी हैं | इस देश में हर ५ साल के बाद चुनाव लढा जाता हैं | भारत के हर नागरिक अपना वोट देना चाहिए |

भारतीय संविधान

हमारे देश का संविधान २६ जनवरी, १९५० को लागू हुआ था | हमारे देश के संविधान में हर ५ साल के बाद आम जनता के द्वारा सरकार का निर्माण किया जाता हैं |

स्वतंत्र रूप से चुनाव करने के लिए देश में सन १९५० को एक स्वतंत्र संस्था के रूप में चुनाव आयोग की स्थापना की गयी हैं |

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भारतीय चुनाव का कार्य

भारतीय चुनावो की आयोजन व्यवस्था और मतगणना के इलेक्शन कमीशन के द्वारा चुनावी क्षेत्र को जगह निर्धारित करना, मतदान चिन्ह को तैयार करना, अन्य राजनितिक संघ को मान्यता देना और उनको प्रतिचिन्ह देना, राजनितिक संघ पर आचार संहिता को लागु करना ऐसे भारतीय चुनाव में महत्वपूर्ण कार्य निभाये जाते हैं |

चुनाव का महत्व

हमारा भारत देश एक लोकतांत्रिक देश हैं | हर एक चुनाव में लोकतंत्र का महत्व रहता हैं | इस चुनाव से हर एक इन्सान को अपनी आवाज उठाने की क्षमता हो सकती हैं | हर इंसान अपनी पसंद के प्रतिनिधि को चुनके उसको वोट देते हैं |

हमारे देश में सन १९५२ में पहली बार आम चुनाव हुआ था उसमे मतदाताओं की उम्र २१ साल की गयी थी | उसके बाद सन १९८९ में संविधान में ६१ वे संविधान के द्वारा २१ साल उम्र घटाकर १८ साल की गयी |

भारत की चुनाव के दोष

आज भी भारतीय चुनाव में कई दोष दिखाई देते हैं | कई राजनेता चुनाव जितने के लिए आम जनता को वोट देने के लिए वोट खरीदना, उनको धमकाना, डराना ऐसा अनैतिक कार्य करते हैं | धर्म और जाती के आधार पर वोट मांगने की खबरे छोटे बड़े चुनाव में देखने के लिए मिलते हैं |

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निष्कर्ष :

जब हम किसी को वोट देते हैं तो उसके पहले हमें यह याद रखना होगा की जिसको हम वोट दे रहे हैं वो वोट पाने के लिए योग्य हैं और नेता बनाने के लिए परिपूर्ण हैं | एक सही और अच्छा नेता ही देश और समाज को योग्य आकार दे सकता हैं |

Updated: April 1, 2019 — 5:39 am

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