मजदुर दिवस पर निबंध – पढ़े यहाँ Essay On May Day In Hindi

प्रस्तावना:

हमारे भारत देश में मजदुर दिवस यह मुख्य रूप से किसानों और कामगारों के लिए मनाया जाता हैं | यह दिवस मजदूरों के हक और क्रांति का दिन हैं |

पूरी दुनिया में बहुत सारे श्रमिक हैं कड़ी मेहनत करते हैं | एक विशेष दिन उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प मनाने के लिए समर्पित किया जाता हैं |

मजदुर दिवस कब मनाया जाता हैं –

पुरे विश्व में आंतर राष्ट्रीय मजदुर दिवस यह १ मई को मनाया जाता हैं | मजदुर दिवस यह दुनिया के विभिन्न देशों में मनाया जाता हैं | यह एक ऐसा दिन हैं, जो श्रम वर्ग के लिए मनाया जाता हैं |

मजदुर दिवस के दिन लम्बे संघर्ष करने के बाद मजदूरों को उनका अधिकार मिला हैं और कानून बना हैं | इस मजदुर दिवस को श्रमिक दिवस, श्रम दिवस इ नामों से जाना जाता हैं |

मजदुर दिवस का महत्त्व

किसी भी देश का विकास यह उस देश के किसानों और कामगारों यानि मजदूरों पर निर्भर होता हैं | जैसे की एक मकान को खड़ा करने और सहारा देने के लिए जिस तरह से एकल मजबूत नीव की जरुरत होती हैं |

वैसे ही किसी भी देश, समाज, उद्योग, संस्था और व्यवसाय को खड़ा करने के लिए कामगारों यानि मजदूरों की जरुरत होती हैं |

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मजदुर दिवस का इतिहास

इस मजदुर दिवस का इतिहास बहुत पुराना हैं | मजूर दिवस की शुरुवात मुख्य रूप से अमेरिका में हुई थी | इसके पीछे का मुख्य कारण हैं – मजदुर आंदोलन |

समय में मजदूरों की हालत बहुत ख़राब थी | मजदूरों को मिल और कारखानों में बहुत कड़ी मेहनत और दिन में १५ घंटों तक काम करना पड़ता था |

वो इतनी मेहनत करने के बाद उन्हें मजदूरी का बहुत कम भुगतान किया था | लम्बे समय तक काम करते समय लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ जाता था |

लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं से बढती हुई संख्या की वजह से इस समस्या को ठीक करने के लिए श्रमिक यूनियनों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई |

मजदुर दिवस के दिन सभाएं

इस दिवस के अवसर पर पुरे देशभर में बहुत सारी सभाएं होती हैं | यह दिवस मजदूरों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता हैं |

लेकिन मजदुरों के आत्म सम्मान कहे जाने वाले इस दिन को मजदूरों में कोई उत्साह नहीं रहता हैं | बढती हुई महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से जिंदगी को दिन भर दिन मुश्किल में डाल दिया हैं |

भारतीय राज्यों में मजदुर दिवस

मजदुर दिवस यह विभिन्न राज्यों में अलग – अलग नामों से जाना जाता हैं | तमिल में इस दिवस को ‘उज्हैपलर धीनाम’ के नाम से जाना जाता हैं और  मलयालम में इस दिन को  थोझिलाली दीनाम के रूप में जाना जाता हैं और कन्नड़ में इसे कर्मिकारा दीनाचारेन कहाँ जाता हैं |

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निष्कर्ष:

मजदुर वर्ग यह किसी भी समाज का अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग हैं | हम सभी लोगों का कर्तव्य हैं की, उनका सम्मान करना | अगर किसी भी जगह पर मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा हैं तो उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और उनका साथ देना चाहिए |

Updated: August 28, 2019 — 1:22 pm

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