प्रकृति पर निबंध – पढ़े यहाँ Essay in Hindi Prakriti

प्रस्तावना :

हम अपने आस-पास जो भी वस्तुएँ और हरियाली दिखाई देती है, यह सब प्रकृति की ही देन है |प्रकृति नें हमें सबकुछ दिया है | यदि हम अपनी आँखे खोलकर केवल प्रकृति को ध्यान से देखें तो हम उससे बहुत कुछ सिख सकते हैं | हम सबसे सुन्दर ग्रह पर निवास करते हैं | जहाँ धरती पर हरियाली जो बेहद सुंदर और आकर्षक होते हैं | कुदरत के द्वारा मनुष्य के लिए सबसे अनमोल उपहार प्रकृति है |

प्रकृति नें सजीव और निर्जीव इन दो घटकों के बिच की अतःक्रियाओं को समग्र रूप से देखा जाए तो हमारे समक्ष प्रकृति कीव्यापक छवि दिखाई देगी |प्रकृति इस लक्षण के कारण अनेक प्रकार से बदलती रहती है | तथा इनमें से कुछ परिवर्तन तीव्र गति से तो कई धीमी गति से होती है |

प्रकृति से मनुष्य को होने वाले लाभ 

प्रकृति हम सभी को प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराती है | प्रकृति से हमें विटामिन ‘N’ मिलता है | और इस विटामिन से हमें आठ फायदा मिलता है |

हरे साग में विटामिन ‘K’ पाया जाता है | इस विटामिन से हड्डियों की सेहत सुधार और धमनियों में कैल्शियम इकठ्ठा होने से रोकता है | अंगूर से हमारे स्वस्थ को लाभ मिलते हैं, यह पौष्टिक तत्वों से भरपूर है | यह बिमारियों को दूर करता है और इसके सेवन से त्वचा में भी निखार होती है |

प्रकृति के अंदर वायु, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे, नदियाँ, सरोवर, झरना, जंगल, पहाड़, खनिज आदि और न जाने कितनें प्राकृतिक संसाधन है | वैसे तो ‘प्रकृति’ इतना छोटा शब्द है | लेकिन कोई सोंच भी नहीं सकता है, की इसमें इतना कुछ समाता है |प्रकृति में संतुलन है तभी हमारे जीवन में संतुलन है |

मनुष्य से प्रकृति को होने वाली हानि

मनुष्य दिन-प्रतिदिन जंगलों के पेड़ को काटकर प्रकृति के सौंदर्य को कम करता जा रहा है |नाले का पानी छोड़कर नदि, महासागर पानी का पानी दूषित कर रहे हैं |ग्रीन हाउस गैस को बढ़ा रहे हैं,तथा पर्यावरण को साफ नहीं रखते हैं |

प्रकृति हमारे लिए इतना कुछ की है फिर भी लोग प्रकृति को नुकसान पहुँचा रहे हैं | हमें प्रकृति को दूषित करने से बचाना होगा | क्योंकि प्रकृति है तो हम हैं, प्रकृति नहीं तो हम नहीं |

प्रकृति संसार का सबसे बड़ा गुरू 

हमारे पूर्वजों ने स्वभाव को जीवन के बारे में समझनें के लिए प्रकृति को महान गुरू माने हैं | पुरानें ग्रंथ भी प्रकृति से समर्पित भोजनो से भरा हुआ है | प्रकृति के रूप में भगवान के साथ अन्य कई उदहारण में व्यवहार करते हैं | जैसे सूर्य, चंद्रमा, पेड़, नदियाँ, पृथ्वी आदि जैसे कुदरत के देन के रूप में माना जाता है |

निष्कर्ष :

प्रकृति यह कुदरत की देन है | यह हमारे स्वस्थ को अच्छा बनाए रखती है, इसलिए हमें प्रकृति के साथ छेड़-छाड़ नहीं करना चाहिए |प्रकृति का अध्ययन, विज्ञान के अध्ययन का सबसे बड़ा हिस्सा है |मानव प्रकृति को अनदेखा कर रहा है |

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Updated: November 2, 2019 — 12:00 pm

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