कबूतर पर निबंध हिंदी में – पढ़े यहाँ Pigeon Essay in Hindi

भूमिका :

कबूतए बहुत ही सुंदर पक्षी है, यह पुरे विश्व में पाया जाता है | कबूतर एक नियत तापी  उड़ने वाला पक्षी है जिसका शरीर परों से ढंका हुआ होता है | कबूतर बहुत ही बुद्धिमान पक्षी होता है यह सफ़ेद और  रंगो में पाया जाता है | कबूतर बहुत ही सुन्दर पक्षी होता है |

यह बहुत ही शांत स्वाभाव का पक्षी होता है इनका उपयोग लोग प्राचीन काल में जब संचार का कोई भी माध्यम उपलब्ध नहीं  था तब लोग कबूतर के द्वारा संदेश भेजते थे |

कबूतर के रंग 

कबूतर अलग-अलग रंगों में पाया जाता है, यह सफ़ेद,स्लेटी  और भूरे रंगो में पाया जाता है | भारत में कबूतर केवल सफ़ेद, स्लेटी रंगो में पाए जाते हैं, इसके चोंच और दो पंख होते हैं, जिससे कबूतर को उड़ने में सहायता मिलती है |

कबूतर मनुष्य के साथ रहना पसंद करते हैं | यह देखने में बहुत ही आकर्षक और सुंदर होते हैं हम  प्राचीन काल से ही कबूतर को पालते हैं |

शरीर प्रकार 

कबूतर मध्यम आकार का पक्षी होता है, इसका वजन लगभग दो से चार किलो का होता है | यह अपनी पंखों की सहायता से उड़ान भरता है, इसके मुँह पर छोटी सी तीखी चोंच होती है | कबूतर के दो पैर होते हैं जिसमें नुकीले पंजे होते हैं, इसके शरीर पर छोटे-छोटे बाल होते हैं, जो गर्मी और सर्दी में अपने शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है |

संबंधित लेख:  अल्बर्ट आइंस्टीन पर निबंध - पढ़े यहाँ Essay On Albert Einstein in Hindi

कबूतर की गर्दन लचीली होती है, स्लेटी रंग के कबूतर की गर्दन पर बैगनी, हरे और नील रंग की आभा होती है | मादा कबूतर के गले में काले रंग का रिंग बना  होता है | कबूतर की दो आँखे होती है जिनका रंग प्रजाति के अनुसार लाल और भूरा होता है | इसे साँस लेने के लिए ऊपरी चोंच पर छिद्र होते हैं |

कबूतर प्राचीन काल से ही मनुष्य के बिच रहना पसंद करते हैं | यह अपन घोसला बालकनी या ऊँची इमारतों पर बनाते हैं | सुबह होते ही यह अपने भोजन की तलाश में निकल जाते हैं | कबूतर का जीवन काल लगभग ६ वर्षों तक का होता है |

इतिहास

पुराने जमानें में इसका प्रयोग पत्र और चिट्ठियां भेजने के लिए किया जाट था | कबूतर को शांति का प्रतिक और सौभाग्य का सूचक माना जाता है |

पहले कई तरह के स्थानों और युद्धों में सुचना पहचानें का कार्य कबूतर को दिया जाता था | यह लगभग १०० किलोमीटर प्रति घंटा की दुरी तय कर सकता है |

भोजन 

कबूतर भगवान की सबसे खूबसूरत रचनाओं में से एक है | यह बहुत ही बुद्धिमान होते हैं, कबूतर आसानी से दूर तूफ़ान, भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोटों का पता लगा सकते हैं क्योंकि उनके पास सुनने की भावना बहुत तेज है | कबूतर खाने में मुख्य भोजन बीज, अनाज, फल, दाल आदि खाता है |

संबंधित लेख:  "मेक इन इंडिया" पर निबंध - पढ़े यहाँ Hindi Essay on Make in India

निष्कर्ष :

मादा कबूतर एक साथ में २ अंडे देता है १९ से २० दिन के मध्य में इनमें से चूजे बहार आते है | यह २० से ३० कबूतरों के झुण्ड में रहना पसंद करता है

Updated: December 12, 2019 — 8:22 am

Leave a Reply

Your email address will not be published.