राष्ट्रभाषा पर निबंध – पढ़े यहाँ Essay in Hindi National Language Hindi

भूमिका :

‘राष्ट्रभाषा’ का अर्थ है राष्ट्र की भाषा जिसके द्वारा मनुष्य अपनें विचारों का अदन-प्रदान करता है | अपनें बातों को बोलनें तथा दूसरों की बातों को समझनें के लिए हर राष्ट्र का अपना एक भाषा होता है, इसी प्रकार से हमारे भारत देश की राष्ट्रभाषा ‘हिंदी’ है, इसका प्रयोग देश के अन्य कईभाषा के लोग आसानी से बोल सकते हैं, लिख सकते हैं और पढ़ भी सकते हैं | भारत की भूमि पर जन्म लेने के कारण यह हमारा कर्तव्य है, की हमें अपनें भारत देश की मातृभाषा के विकास पर बल देना चाहिए |

राष्ट्रभाषा हिंदी का महत्व 

संस्कृति को सरल करनें के लिए हिंदी का जन्म हुआ है | क्योंकि सबसे पहले संस्कृति भाषा का निर्माण हुआ देवनागरी लिपि जो आज हिंदी के नाम से जाना जाता है | हिंदी भाषा से ही अन्य भाषाओँ का विस्तार हुआ है |

हिंदी की देवनागरी में ११ स्वर और ३३ व्यंजन होता है, जिसे दाएँ से बाएँ लिखी जाती है और हिंदी को प्रिय मानी जाती है | भारत के संविधान में हिंदी का देवनगरी लिपि में भारत की कार्यकारी राष्ट्रभाषा’ घोषित किया गया है | हिंदी की गिनती भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल पच्चीस भाषाओँ में की जाती है |

हिंदी दिवस मनानें का उद्देश्य 

अगर हिंदी भाषा का विकास करना चाहते हैं, तो दुसरे भाषा को छोड़कर अपनें देश की राष्ट्रभाषा का स्वीकार करना होगा | इस दिन सभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालय में अंग्रेजी भाषा के बदले हिंदी भाषा का प्रयोग करनें की सलाह दी जाती है, जो हर साल हिंदी में अच्छे कार्य और अच्छी तरह से इसका प्रयोग करता है, भारत में हर साल १४ सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है |

हिंदी के प्रसिद्ध लेखक 

भारत में हिंदी के प्रिसद्ध लेखकों नें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है | कालिदास, आर्यभट, कबीर, मुंशी प्रेमचंद, हरिवंश राय बच्चन, समीर अनजान, रविन्द्र जैन आदि जैसे लोगों नें हिंदी भाषा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है |

राष्ट्रभाषा का सम्मान 

भारत देश में अनेक राज्य हैं, और सभी राज्यों की अलग-अलग भाषाएँ हैं, लेकिन भारत एक बहुभाषी राष्ट्र हैं | हिंदी भाषा हमारे भारत देश में रहनें वाले हर नागरिक बहुत ही आसानी से बोलते हैं | आज भी हमारे समाज में कई लोग हिंदी के बदले विदेशी भाषाओँ को ज्यादा महत्व देते हैं |

देश के सभी नागरिक को मिलकर हिंदी की विकास को नये शिखर तक पहुँचाना होगा, जिससे हमारे देश की राष्ट्रभाषा को सम्मान मिल सके | भारत में कृषि का योगदान सिर्फ २०% ही बचा है, जिसका असर हमारे भारत के राष्ट्रभाषा पर पड़ रहा है | जब विश्व के अन्य देश अपनें राष्ट्रभाषा पढ़कर उन्नति कर सकते हैं, ये हमें राष्ट्रभाषा अपनानें में झिझक क्यों होनी चाहिए |

निष्कर्ष :

हिंदी हमारे देश की राष्ट्रभाषा है, हमें अपनें भाषा पर गर्व होना चाहिए | जैसे लेखक, कवी, गीतकार और सत्यकार को आज भी उनके द्वारा किये गये कार्यों के लिए हमेशा उन्हें याद किया जाता है |

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Updated: नवम्बर 2, 2019 — 10:40 पूर्वाह्न

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