महिला सशक्तिकरण पर निबंध – पढ़े यहाँ Empowerment Of Women Essay In Hindi

प्रस्तावना : 

महिला सशक्तिकरण यह एक ऐसा शब्द हैं, जिसे जो समझ लेता है, उसे जीवन में आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता| अतः हमें सशक्तिकरण को समझना बहुत आवश्यक है |

सशक्तिकरण से तात्पर्य यह है, की किसी व्यक्ति की उस हद तक की सहन क्षमता सें होती है जिससे की वह स्वयं को निखार सकें |

और महिला सशक्तिकरण का अर्थ हैं, की महिला अपने जीवन और अपने परिवार के सभी रोचक निजी तथा सामाजिक निर्णय स्वयं ले सके, अतः महिला सशक्तिकरण भारत के सभी महिलाओं को सशक्त बनाने हेतु एक ठोस कदम भी हैं |

महिला सशक्तिकरण 

महिला सशक्तिकरण को यदि हम सामान्य शब्दों में समझें तो इसका अर्थ यह होता हैं की, महिलाएं पारिवारिक तथा सामाजिक क्षेत्रो में सभी संबंधों से भी ऊँचे स्थान की सोच समज रखने में सक्षम होती है |

महिला सशक्तिकरण में प्रत्येक महिला अपने निजी बंधनों को तोड़ कर वो अपने सभी सामाजिक क्षेत्रो में से ऊपर उठ कर अपने अधिकार से सम्बंधित निर्णय कर सकती हैं|

यहाँ पर महिलाएं अपने करियर से संबंधित फैसले स्वयं कर सकती हैं, और इन्हीं कारणों से महिलाये स्वयं को सशक्त बनाने में सक्षम भी होती हैं|

महिला कभी भी स्वयं को असहाय न समझे बल्कि महिला सशक्तिकरण से यह समझ आता हैं| जहाँ पर प्रत्येक महिलाये अपने आप को सर्वसम्पन्न समझते हैं, फिर वो चाहे कोई भी क्षेत्र हो, जैसे स्वास्थ ,कृषि ,शिक्षा शिशु पालन तथा क़ानूनी हक़ आदि |

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महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता 

हम सभी को यह कथन ज्ञात हैं की, हमारा भारत देश एक पुरुष प्रधान देश हैं | जिससे की यह समझा जाता हैं, की पुरुष महिलाओं की अपेक्षा अधिक श्रमशील और गुणवान होते हैं|

लेकिन, आज भी कुछ ऐसे स्थान भारत देश में स्थित हैं, जहाँ पर महिलाओं को पुरुषो की तुलना में समान दर्जा नहीं दिया जाता हैं |

महिलाओं को आज के समय में सशक्त होना अत्यंत आवश्यक हैं, कारण यह हैं की, जब से महिलाओं को अपनी काबिलियत दिखाने का मौका नहीं दिया जायेगा| तो स्वयं को हमेशा की तरह से विवश ही महसूस करेंगी| जो की स्वतंत्र भारत देश के कानून के विरुद्ध होगा  क्यूँकी भारत एक स्वतंत्र देश हैं |

प्राचीन काल में महिलाओं की बुनियाद 

प्राचीन काल से ही यह प्रथा सा बन गया था| की जब किसी के भी घर में कन्या शिशु का जन्म होता था, तब या तो उसे लिंग निर्धारण करने के बाद या पूर्व महिला के गर्भ में शिशु को मार देते थे|

लेकिन जब से भारत सरकार ने महिलाओं को सशक्तिकरण का अधिकार दिया, तब से भारत में भी बहुत कुछ बदल गया हैं |

निष्कर्ष:

भारत जैसे एक सांस्कृतिक देश में सशक्तिकरण लाना अति आवश्यक हैं, यदि महिलाओं  को अपने अधिकारों से रुबरु नहीं करायेंगे तो महिलाओं का शोषण जारी रहेगा|

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और यही कारण हैं, की सन १९९० की दशक तक भारत देश में महिलाओं की शोषण पर काफी हद तक कमी पाई गयी थी|

लेकिन आज के समय में जब सरकार ने महिलाओं को पुरुषों से कंधे से कन्धा मिलाकर चलने का अधिकार दिया, तब से मानो की महिलाओं को कुछ हद तक उनका अधिकार मिलने में  कारगर साबित हुआ हैं|

Updated: March 16, 2019 — 5:28 am

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