दुर्गा पूजा पर निबंध कक्षा ६ के लिए – पढ़े यहाँ Durga Puja in Hindi for Class 6

प्रस्तावन :

दुर्गा पूजा यह हिंदुत्व धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक त्यौहार हैं | दुर्गा पूजा एक धार्मिक पर्व होने के कारण यह एक आस्था का प्रतीक भी हैं| यह पर्व प्रति वर्ष जुलाई माह के पहले हफ्ते के दस दिन तक मानाया जाता हैं|

इस पर्व को मनाने का कारण माता दुर्गा की पूजा-अर्चना की पवित्रता होती हैं | इस पर्व में माता दुर्गा के भव्य स्मारक को बना कर उनकी पूजा की जाती हैं |

दुर्गा पूजा की कथाएं 

पौराणिक कथाओं के अनुसार वर्षा के भगवान देवराज इंद्र तथा महिषासुर इन दोनों के बीच युद्ध हुआ था, और देव इंद्र को महिषासुर को  पराजित कर उसने सम्पूर्ण इन्द्रलोक पर अपना अधिकार जमा लिया|

जब इंद्र देव पराजित होकर विवश हो गये तब वे समस्त देवो के संग भगवन शिव जी के पास गयें और फिर शिवजी से अपनी शिकायत बताते हुए उनसे सहायता की मांग की |जब यह सम्पूर्ण काण्ड ज्ञात हुआ, तब वे बहुत क्रोधित हुए और इसी क्रोध में उहोने युद्ध की देवी माता दुर्गा को एक विशेष हवन कुंड से प्रगट किया|

और महिषासुर से युद्ध के लिए भेज दिया और यह युद्ध कुल 9 दिनों तक चला और तब जाके माता दुर्गा ने महिषासुर पर विजय प्राप्त किया और 10 वे दिन पर लोग विजयदशमी का पर्व भी मानाने लगे |

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दुर्गा पूजा मनाने की विधि 

भारत देश में दुर्गा पूजा मनाने के समय माता जी की विशाल प्रतिमा की स्थापना अपने घरो, दफ्तरों तथा मोहल्ले में करते हैं, और उस प्रतिमा में माता जी का एक पैर शेर पर तथा दूसरा पैर महिषासुर की छाती पर दिखाई देती हैं|

और एक हाथ में कपाल लिए दर्शन देती हैं| यह पर्व सम्पूर्ण दस दिनों तक बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं, इस पर्व में मानव जीवन का बहुत ही महत्व रहा हैं| दुर्गा पूजा के समय लोगों के घरों में हवन पूजा होती हैं| कुछ लोग माता दुर्गा जी को प्रसन्न करने हेतु व्रत तथा उनकी उपासना भी करते हैं, इस दस दिन तक जो भी भोजन घर मे बनता हैं, उसे पहले माता जी को भोग के रूप में चढाया जाता हैं |

दुर्गा पूजा से प्राप्त आनंद 

दुर्गा पूजा का पर्व मनाने से आनंद के साथ-साथ  हमारे भीतर सकारात्मक उर्जा का संचार भी होता हैं| वैसे तो दुर्गा पूजा वर्ष में दो बार आता हैं| पहला बसंत ऋतू में आता हैं जिसे हम बसंत पूजा के नाम से भी जानते हैं|

तथा दूसरा शरद ऋतू में आती हैं, जिसे शारदीय पूजा के नाम से भी जानते हैं | इस पूजा में हमें मेलों में घुमने फिरने का मौका मिलाता हैं, और यही कारण से हम दुर्गा पूजा के मेलों में जाना बहुत पसंद करते हैं|

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निष्कर्ष :

माता दुर्गा पूजा का वास्ताविक रूप से बुराई पर अच्छाई की जित से की जाती हैं| इस त्यौहार से हमें यह सिख मिलती हैं की लोग भाईचारे की भावना को अपने भीतर लायें | और इससे लोगों में असुरों वाली मार काट की भावना नष्ट होगी, और साथ-साथ मिल जुल कर रहने का संदेश प्राप्त होता हैं |

Updated: March 16, 2019 — 1:00 pm

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