बाल श्रम पर निबंध कक्षा २ के लिए – पढ़े यहाँ Child Labour Essay In Hindi For Class 2

प्रस्तावना:

हमारा भारत देश एक विशाल देश हैं | इस देश में अन्य जाती और धर्म के लोग रहते हैं | आज हम अन्य देशों के साथ – साथ कंधे से कंधे मिलाकर चल रहे हैं | लेकिन हमारे देश में बेरोजगारी, महंगाई, जातिवाद इत्यादि बहुत सारी समस्या हैं |

जिसकी वजह से आज भी यह समस्या बहुत तेजी से बढती जा रही हैं | बाल श्रम यह एक सबसे बड़ी समस्या हैं | जो धीरे – धीरे अपना विस्तार कर रही हैं |

बाल श्रम का अर्थ

बच्चों के छोटी उम्र में पैसों या अन्य किसी लोभ के बदले में करवाया गया किसी भी तरह का काम उसे ‘बाल श्रम’ कहा जाता हैं | बाल श्रम यह एक गैर क़ानूनी हैं | बच्चों को परिवार से दूर रखकर उन्हें गुलामों की तरह पेश किया जाता हैं |

बच्चों १४ वर्ष के होते हैं तो उनकी उम्र में बचपन, खेल कूद और शिक्षा का अधिकार छिनकर उन्हें मानसिक और शारीरिक, सामाजिक रूप से हर दिन कम पैसे में काम करके लेना | उनका शोषण करके उनके बचपन को श्रमिक रूप में बदल देना |

बाल श्रम के कारण

गरीबी के कारण कई लोग अपने बच्चों को काम करने के लिए भेजते हैं | दुकानदार और छोटे व्यापारी बच्चों से काम बड़े लोगों की तरह करवाके लेते हैं | लेकिन पैसा उन्हें बहुत कम देते हैं | बच्चे ज्यादातर चालाख नहीं होते हैं |

संबंधित लेख:  वर्षा ऋतू पर निबंध - पढ़े यहाँ Long Essay on Rainy Season in Hindi

बच्चे अपने मन में किसी भी लोभ को न रखकर मन लगाकर काम करते हैं | व्यापार में उत्पादन की लागत कम लगने की वजह से कुछ व्यापारी उनका जीवन बर्बाद करते हैं |

बाल श्रम रोकने के उपाय

बाल श्रम को रोकने के लिए सरकार को बड़े कानून बनाए चाहिए | जिसके कारण कोई भी व्यक्ति बाल श्रम करने से डरे | सभी लोगों को बाल श्रम के विषय में जागरूक होना बहुत जरुरी हैं | और इसे अपने समाज में होने से रोकना चाहिए | गरीब लोगों को अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए | आज सरकारने बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा, खाना, किताबे ऐसी अन्य सारी सुविधाएं प्राप्त करके दी हैं |

बाल श्रम के परिणाम

बाल श्रम करने से बहुत सारी हानि पहुँचती हैं | बाल श्रम के कारण सबसे पहले बच्चा अशिक्षित रह जाता हैं | उसका जीवन अंधकार की ओर जाने लगता हैं | इसके साथ – साथ बेरोजगारी और गरीबी सबसे ज्यादा बढ़ने लगती हैं |

जिस उम्र में बच्चों को शिक्षा मिलनी चाहिए इस उम्र में उनसे बाल श्रम करवाया जाता हैं | बाल श्रम करवाने से बच्चों का मानसिक, बौद्धिक, शारीरिक और सामाजिक विकास रुक जाता हैं |

निष्कर्ष:

बाल श्रम को ख़त्म करना सिर्फ सरकार का ही कर्तव्य नहीं हैं बल्कि हम सभी लोगों का भी कर्तव्य हैं | बाल श्रम यह एक बहुत बड़ी समस्या हैं | इस समस्या को सभी लोगों को बहुत जल्द खत्म करना चाहिए | बच्चों का भविष्य विकशित देश का भविष्य हैं |

संबंधित लेख:  आदर्श विद्यार्थी पर निबंध - पढ़े यहाँ Adarsh Vidyarthi Essay In Hindi Language
Updated: May 21, 2019 — 6:37 am

Leave a Reply

Your email address will not be published.