१५ अगस्त निबंध हिंदी में – पढे यहाँ 15 August Essay In hindi

प्रस्तावना:

मनुष्य एक समाजिक बुधजिवी है, भारत देश में प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्र होकर जीवन व्यतीत करने का पूरा अधिकार है |

यह तो सब जानते है की सम्पूर्ण विश्व में हर कोई स्वतंत्र रहना पसंद करते है, किन्तु भारत देश में ही स्वतंत्र रूप से रहना संभव है | हमारे भारत देश को आजादी १५-अगस्त-१९४७  को प्राप्त हुआ था |

स्वतंत्रता प्राप्त करने हेतु संघर्ष 

जिस प्रकार से परतंत्रता एक मृत्यु के सामान होता है ठीक उसी प्रकार से स्वतंत्रता भी जीवन की ही तरह है | जब भी कोई देश कीसी का गुलाम बन जाता है, तब मानो की उसकी जीवन किसी श्राप से कम नहीं होती है |

भारत देश को स्वतंत्रता निरंतर संघर्षो तथा बलिदानों से प्राप्त हुआ है | सम्पूर्ण भारत देश में स्वतंत्रता की या झलक सन १८५७ में देखि गई| उस समय पर भगत सिंह आजाद,महात्मा ज्योतिबा फुले, लाला लाजपत राय इत्यादि लोगो ने स्वतंत्रता के संघर्ष में भागीदारी हुए |

और देखते ही देखते सम्पूर्ण भारतवासी भी इस लड़ाई में शामिल हो गये| क्योकि भीतर ही भीतर प्रत्येक भारतीय गुलामी के कारन घुट रहा था |

यहाँ तक की स्वतंत्रता के लिए अनेक वीरो ने अपने पप्राणो का बलिदान दिया अतः महात्मा गाँधी के नेतृत्व में सन १९४२ में भारत छोड़ो आन्दोलन में बहुत से भारतीय नागरिको ने अंगेजो से लड़ाई कर उन्हें भागने की कोशिष की |

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किन्तु यह तरीका उचित नहीं था और इस गलती के कारण महात्मा गाँधी जी को जेल भी जाना पड़ा था राष्ट्रीय पर्व 

वर्षों के संघर्ष के तत्पश्चात १५-अगस्त-१९४७ को हम जब स्वतंत्र हुए तब हम सब ने सर्वप्रथम स्वतंत्रता उन सेनानियों के साथ मनाता जो देश को आजाद करने के लिए हमारे साथ खड़े हुए थे | और उसी दिन मानो की भारत का नया जन्म हुआ है |और उसी दिन को हम अपने राष्ट्र पर्व के रूप में मनाते है |स्वतंत्रता दिवस मनाने की विधि 

भारत देश में स्वतंत्रता दिवस बड़ी ही निष्ठां और ईमानदारी से मनाते है | इसदिन लोग अपने विद्यालय ,दफ्तर ,प्रांगण तथा मैदान में धवजा रोहन कर राष्ट्र गान का गीत गा कर झंडे को सम्मान हेतु सलामी देते है | बच्चे बूढ़े और युवा इस कार्यक्रम के बाद नृत्य,संगीत ,साहित्य, कला और सामाजिक कार्य जैसे की समाज में अच्छी सुविचारो की भाषण इत्यादि कार्यक्रम कर स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है |

राष्ट्र में एकता रखने का प्रयास 

हामारे देश को स्वतंत्र हुए कुल लगभग ७२ वर्ष सम्पूर्ण हो चुके है | किन्तु आज भी हम स्वतंत्रता जाती, सम्प्रदाय, भाषा, धर्म तथा प्रान्तों के लिए लड़ते- झगड़ते रहते है |

हमारे भारत देश को लेकर गाँधी जी का सपना था की मेरा देश एक एकता में बांध रहे किन्तु आजादी के कुछ ही दिन बाद हिन्दू मुस्लिम का झगडा हुआ और इस झगड़े ने भारत पाकिस्तान को अलग कर दिया | आज भी भारत देश में अमन और शांती बनाने की कोषिस जारी है |

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निष्कर्ष :

निष्कर्ष में यह ही प्राप्त होता है की यदि हम अपनी आजादी का सदुपयोग नहीं करेंगे तो हम पुनः गुलाम हो जायेंगे |तब शायद वो सब क्रांतिकारियों का बलिदान भी व्यर्थ हो जायेगा |

Updated: February 22, 2019 — 6:51 am

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