शीतकालीन (सर्दियों ) मौसम पर हिंदी में निबंध – पढ़े यहाँ Winter Essay In Hindi

प्रस्तावना :

भारत में शीतकालीन का मौसम अन्य सभी मौसमों में सबसे अधिक ठंडा होता है | वर्षा ऋतू के बीत जानें पर ठंडी के मौसम का आगमन होता है | सर्दी के मौसम में हर जगह वातावरण में चारो तरफ ठंडक फैली रहती है |

यह बहुत ही शानदार मौसम है, इस मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्र बर्फ से ढँक जाता है | ठंडी का मौसम साल का सबसे ठंडा मौसम है जो दिसंबर के महीनें से शुरु होता है और मार्च के महीनें में समाप्त होता है | दिसंबर और जनवरी चरम सर्दियों के महीनें है |

भारत देश को ऋतुओं का देश कहा जाता है | क्योंकि यहाँ हर दो-दो महीनें पर ऋतुओं का आगमन होता हैं | सर्दी का मौसम साल का सबसे ठंडा चरण होता है | ठंडी के मौसम में दिन छोटा हो जाता हैं और रात बड़ा हो जाता हैं |

ठंडी के मौसम में हर समय ठंडी हवा चलती रहती है | ठंडी इतनी ज्यादा होती है की कभी-कभी बर्फबारी भी बहुत होती है | जिसे लोगों का घर से निकलना या कहीं बाहर जाना मुश्किल हो जाता है |

ठंडी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र बर्फ की ढंकी हुई सफ़ेद चादर से ढंका हुआ दिखाई देता है | कम तापमान वाली सूर्य की रोशनी के कारण ठंडी का मौसम बहुत ही सुहाना होता हैं |

शीतकालीन में ज्यादा हरी सब्जियाँ खानें के लिए मिलती हैं | हरी सब्जी जैसे धनियाँ, मेथी, पालक, चना, सरसों का साग, गाजर, मटर, बैगन, गोभी, मूली आदि खानें के लिये मिलती हैं |

ठंडी के मौसम के दौरान आसमान में अक्सर स्पष्ट रहता है | लेकिन कभी-कभी इस मौसम में बारिश होती है |रात के समय में ओस की बुँदे गिरती हैं जो घास या पत्तियों पर छोटी-छोटी बुँदे पानी के रूप में दिखाई देती हैं | सुबह कोहरा दिखाई देता है यह दृश्य बहुत ही प्यारा और सुहाना लगता है |

ठंडी के मौसम में सभी जगह ताजगी रहती है | इस समय में सुबह का टहलना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही उपयोगी रहता है | क्योंकि सुबह की ताजी हवा शुद्ध हवा होती है |

ठंडी से बचने के लिए लोग गर्म कपडे और ऊनी कपडे पहनते हैं | सुबह और रात के समय अधिक ठंडी होती है | कुछ लोग गर्मी लेने के लिए आग के सामनें बैठते हैं | शीत ऋतू अन्य ऋतुओं की तुलना में वातावरण में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखा जा सकता है |

वातावरण का तापमान बहुत कम हो जाता है | ठंडी हवाएं चलनें लगती हैं | ठंडी की रात जैसे बीतती है वैसे ठंडक भी बढ़ती है | सबसे अधिक ठंडी सुबह चार बजे से छः बजे के बिच पड़ती है |

शीतकालीन मौसम में स्वस्थ फलों और पत्तेदार सब्जियों का मौसम है |  इस मौसम में अंगूर, संत्रा, सेब, अमरुद, पपीता, अनानास, गाजर, आमला, गोभी, चुकंदर, फूलगोभी, मूली आदि का मौसम है |

Updated: February 1, 2020 — 11:43 am

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