जल ही जीवन है निबंध – पढ़े यहाँ Water is Life Essay in Hindi Language

भूमिका :

दोस्तों आज का हमारा निबंध है, जल ही जीवन है पर जैसे की हम सभी को मालूम  हैं की “जल ही जीवन है ” पानी के बिना जीवन संभव नहीं है |

पढ़े यहाँ: जल का महत्व 

पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसपर जीवन संभव है | क्योंकि यहाँ पानी और जीवन को संभव बनाने वाली सभी जरुरी चीजें उपलब्ध हैं | हमारे जीवन के लिए पानी अत्यंत आवश्यक है, पृथ्वी पर जीवित प्राणियों के लिए जल अमृत के समान है |

जल का महत्व 

जल हमें प्रकृति के द्वारा दिया गया महत्वपूर्ण संसाधन है, लेकिन जल पृथ्वी पर सिमित मात्रा में ही उपलब्ध है | हम सुनते आ रहे हैं की जल ही जीवन है इसलिए हमें पानी की बर्बाद नहीं करना चाहिए पानी की एक-एक बून्द को बचाना आज की जरूरत है |

पढ़े यहाँ: पानी की बचत 

यदि आज हमने पानी की बचत नहीं की तो भविष्य में आनेवाली पीढ़ी को एक-एक बूंद पानी के लिए तरसना पड़ेगा | क्योंकि निरंतर पानी का जलस्तर कम होते जा रहा है जैसे की २० साल पहले ४० फुट की गहराई से निकलने वाला पानी अब १०० फुट से अधिक निचे जा चूका है |

जल ही जीवन है

जल हमारे लिए अमृत के समान है जल मनुष्य, पशु-पक्षी जानवर सभी के लिए जरुरी साधन है | जल का उपयोग हम अपने जीवन में नियमित रूप से पीने के लिए, कपडे धोनें के लिए, नहाने के लिए, खाना बनाने के लिए, विभिन्न उद्योगों के लिए, पेड़-पौधों के लिए और कृषि क्षेत्र के लिए जल का उपयोग करते हैं |

पढ़े यहाँ: जल ही जीवन 

जल पृथ्वी पर सभी जीवित प्राणी के लिए महत्वपूर्ण है। |

जल संरक्षण 

जल ही जीवन है जीवन जीने का आधार पानी है इसलिए हमें पानी का संरक्षण करना चाहिए | “जल है तो कल है”

लेकिन हमारे देश में कहीं-कहीं खुले नल, बिना कारण सफाई में पानी का ज्यादा इस्तेमाल करना यदि प्रत्येक व्यक्ति को पानी की बर्बादी को रोकने के लिए अपनी जिम्मेदारी समझना चाहिए | यदि कहीं नल चालू है तो उसे अपनी जिम्मेदारी समझकर बंद कर देना चाहिए |

जल को बचानें के उपाय 

बरतन धोना, तथा ब्रश करते समय नल को बंद रखना चाहिए | नहाने के लिए शावर का उपयोग न करते हुए जग बाल्टी में पानी लेकर नहाना चाहिए |

पढ़े यहाँ: जल प्रदुषण 

पौधों को पानी डालते समय में पाइप की जगह वाटर कैन से पानी देना चाहिए | इस तरह से हमें पानी की बचत करना चाहिए | हम सभी को पानी का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए |इसे हमें खुद की जिम्मेदारी समझकर पानी को बचाने की पूरी कोशिश करना चाहिए |

जल के स्रोत 

हमारे पृथ्वी पर ७० प्रतिशत जल है लेकिन मनुष्य के पिने के योग्य केवल २ प्रतिशत ही जल है | जल हमें भूमिगत, नदियाँ, तालाबों, कुँए और वर्षा के पानी से उपलब्ध होता है | लेकिन दिन पर दिन वर्षा की कमी के कारण भूमिगत जल में कमी आ गई है |

निष्कर्ष :

पानी की उपलब्धता घट रही है, और महामारी बढ़ रही है, इसलिए हमें पानी की बर्बादी को रोकना होगा | हम सभी को आवश्यकतानुसार पानी का इस्तेमाल करना चाहिए |

Updated: December 6, 2019 — 11:53 am

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