पेड़ पर निबंध कक्षा ६ के लिए – पढ़ें यहाँ Tree Essay In Hindi For Class 6

प्रस्तावना:

सम्पूर्ण धरती पर स्थित मानव तथा प्राणी जाती के जीवन के लिए , पेड़ बहुत ही आवश्यक हैं, हमारे भारत देश औषधियों का भण्डार माना जाता हैं और यह औषधि हमें पेड़ से प्राप्त होता हैं, जो की सम्पूर्ण विश्व में प्रचलित हैं|

किंतु ढलते समय के साथ आज कुछ औषधि वाले पेड़ तथा जड़ी बूटी नष्ट हो गयें हैं | आज भी कुछ एसे पशु, प्राणी, पेड़ तथा जड़ी बूटी विलुप्त हो चुकें हैं|

पेड़ मनुष्य जीवन के लिए प्रकृति का दिया हुआ अमूल्य उपहार है, जिसपर आज के समय में पशु-पक्षी अपना जीवन बड़ी ही आनंदमय होकर व्यतीत करते हैं| हमारे आस-पास के वातावरण में पेड़ को उगाने हेतु केवल उसे मिटटी में गाड़ना तथा पानी देना होता हैं |

पेड़ द्वारा होने वाले लाभ 

हम सभी ने केवल यही समझा है, कि पेड़ से हमें आक्सीजन और फल-फुल प्राप्त होता हैं| किंतु एसा नहीं हैं, बल्की सम्पूर्ण पेड़-पौधे से हमें अनेको लाभ होते है | जैसे बरगद का बांदा ,गुलर का बादा , अनार का बांदा ,पीपल का बांदा ,बेर का बांदा ,निम् का बांदा आदि अनेको प्रकार के वनस्पति तथा जड़ी बूटी जैसे तत्वों से हमें औषधि प्राप्त होती हैं |

पेड़ प्राचीन से ही हमें कुछ न कुछ देते ही आया हैं, जैसे फल,फुल ,आक्सीजन अनेको प्रकार के रसायन औषधि तथा कुछ पेड़ों का धार्मिक महत्व भी रहा हैं, किंतु पेड़ इसके बदले में कुछ भी नहीं मांगते हैं, कारण पेड़ भी एक प्राकृतिक का हिस्सा हैं जो की प्राकृतिक का कार्य केवल देना होता हैं और इसी कारण से आज का मानव इसे भी नष्ट करने में तनिक भी हिचिकता नहीं हैं|

पेड़ पर समाज का प्रभाव 

आज के हमारे समाज में मनुष्य अपनी जीविका का चलाने के लिए केवल अपने काम और घर की सोचता है, लेकिन कभी भी किसी पौधे के विषय में नहीं सोचता जिससे की उन्हें जीवन चलाने में सही ढंग से मदद मिलती है |

हमारे आस-पास यदि किसी भी व्यक्ति को कोई शारीरिक परेशानी हो जाती हैं ,तब उसे हम हॉस्पिटल में भर्ती करते है, तो चिकित्सक भी यही कहता हैं की प्राक्रतिक से जुड़ों आपके सभी बीमारियां नष्ट हो जाएगी किंतू यहाँ भी एसा नहीं होता|

लोगों ने तो जैसे अपनी सोच ही बना लिया हैं की पेड़ पौधे का हमारे जीवन में तुच्छ भर का ही उपयोग है| और इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए लोग अपने निवास भवन को निर्मित करने हेतु जगह-जगह पर पेड़ पौधे को नष्ट कर रहे हैं| और पेड़ काट कर इमारते बना रहे हैं, जो की प्राक्रतिक के विरुद्ध हैं |

निष्कर्ष :

हमारे भारत देश में चिपको आंदोलन द्वारा पेड़ के कटाई पर मुख्य रूप से रोकथाम किया गया था, किंतु भारत में सभी नियमों द्वारा इस नियम का भी उल्ल्हंगन कर इसे भी ख़ारिज करते हुए आज भी पेड़ों की कटाई की जा रही हैं |

मनुष्यों को यह समझ जाना चाहिये की, धरती पर पेड़ के बिना मानव जीवन की कल्पना करना भी संभव नहीं हैं, इश्वर ने पेड़ को बनाया ही मानव जीवन के निर्वाह के लिए था |

आज पेड़ हैं, तो पशु-पक्षी भी हैं, और पशु-पक्षी हैं तो मनुष्य जीवन हैं अतः हमें समझ जाना चाहिये की, पेड़ हमारे जीवन में अमृत के सामान हैं |

Updated: July 2, 2019 — 6:34 am

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