तीज त्यौहार पर निबंध – पढ़े यहाँ Teej Festival Essay In Hindi

प्रस्तावना:

तीज त्यौहार यह हिन्दू धर्म का मुख्य त्यौहार हैं | भारत देश के सभी त्योहारों में से तीज त्यौहार यह एक मुख्य त्यौहार हैं |

इस तीज त्यौहार को हिन्दू धर्म में हरतालिका व्रत के नाम से जाना जाता हैं | इस त्यौहार के दिन भारतीय महिलाएं व्रत रखती हैं | तीज त्यौहार को रीती – रिवाज और परंपराओं के साथ मनाया जाता हैं |

तीज कब मनाया जाता है

इस त्यौहार को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष तृतीया को हस्त नक्षत्र के दिन मनाया जाता हैं | इस दिन सुहागन स्त्रियां और कुंवारी लड़कीयां भी भगवान गौरी – शंकरजी की पूजा करते हैं |

तीज का त्यौहार हर साल अगस्त के पूर्णिमा के तीसरे दिन मनाया जाता हैं | तीज त्यौहार भारत देश के साथ – साथ राजस्थान, हरियाणा और पंजाब इन राज्यों में भी मनाया जाता हैं |

तीज त्यौहार क्यों मनाया जाता है

ऐसा माना जाता हैं की, जब देवी पार्वती को १०८ दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ी तब भगवान शिव जी ने उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया था |

यह तीज का त्यौहार की भावना अपने पति के प्रति पत्नी भक्ति को दर्शाती हैं | इस दिन पत्नी अपने पति की लम्बी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं |

तीज त्यौहार के प्रकार

तीज के तीन प्रकार होते हैं – जैसे की हरियाली तीज, कजरी तीज और हरितालिका तीज |

हरियाली तीज 

हरियाली तीज के दिन महिलाएं चन्द्रमा की पूजा करती हैं |

कजरी तीज 

कजरी तीज के दिन महिलाएं नीम के पेड़ की पूजा करते हैं |

हरतालिका तीज

इन सभी तीजों में से सबसे महत्वपूर्ण होती हैं – हरितालिका तीज | इस दिन महिलाएं पति की लम्बी उम्र के लिए उपवास करती हैं |

तीज त्यौहार

तीज के एक दिन पहले सिंजारा उत्सव मनाया जाता हैं | इस दिन महिलाएं पारंपरिक डिज़ाइन के कपडे धारण करती हैं | अपना शृंगार करती हैं अपने हाथों और पैरों में मेहंदी लगाती हैं | तीज और सिंजारा के दिन घेवर की मिठाई को खाया जाता हैं |

तीज की पूजा

तीज के दिन महिलाएं शिव – पार्वती की पूजा करते हैं | इस दिन महिलाएं पारंपरिक गीत गाती हैं | माँ पार्वती जी का आशीर्वाद पाने के लिए सुहाग का पुडा, रोली, मोली और पूजा की अन्य सामग्री के साथ समूहों से माँ की पूजा करती हैं | इस दिन कई सारी महिलाएं आटे का सत्तू बना कर अपनी पूजा को पूरी करती हैं |

निष्कर्ष:

तीज त्यौहार यह एक सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार हैं | इस व्रत को पुरे निष्ठा और श्रद्धा से पूर्ण करने वाली स्त्री को उसका फल जरुर मिल जाता हैं | भगवान शिव जी ने पार्वती से यह कहा था की, जो भी इस व्रत को पूरा करेगी उसे तुम्हारी तरह अचल सुहाग प्राप्त होगा |

Updated: April 11, 2019 — 10:42 am

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