गर्मी की छुट्टी पर निबंध हिंदी में – पढ़े यहाँ Summer Vacation Essay In Hindi

प्रस्तावना

गर्मी की छुट्टी जब मिलती है तो बच्चों के लिए बहुत ख़ुशी की बात होती है | यह समय सुखद और बहुत अच्छा रहता है | बच्चों के ऊपर कोई भी अध्यनन का दबाव नही रहता है और कोई मानसिक तनाव नही रहता है |

छुट्टी का समय बिताने का तरीका सबका अलग – अलग होता है | बहुत सारे बच्चे लोग अलग अलग जगह पे जाने के लिए पसंद करते है | कोई घर पे रहते है, कोई अपने मामा के घर पे जाते है तो कोई पर्वतीय क्षेत्र कि यात्रा करने के लिए जाते है |

गर्मी में तापमान बहुत ही ज्यादा रहता है लेकिन सब लोग गर्मी के छुट्टी का मजा लेते है | गर्मी के छुट्टी में बच्चे लोग साथ बड़े लोग भी जाते है | गर्मी की छुट्टी हर साल मई महीने के तीसरे सप्ताह से शुरू होती है और जून महीने के आखिरी सप्ताह में समाप्त होती है |

पर्यटन स्थल

गर्मी की छुट्टी में बहुत सारे लोग मंदिर, पर्वतीय स्थल में घुमने जाते है | वो जगह बहुत सुन्दर लगती है | पर्यटन स्थल बहुत सुन्दर होता है जिसके कारण बच्चे लोग उस जगह को पसंद करते है | पूरा निसर्ग दिखने बहुत अच्छा लगता है | निसर्ग में बहुत सारे पेड़ पौधे, पशु पक्षी और अन्य प्राणी दिखने के लिए मिलते है | ऐसी जगह बहुत ख़ूबसूरत लगती है |

फलों का स्वाद

गर्मी के छुट्टी में अलग अलग तरह की फल खाने के मिलते है | आम सबसे अच्छा फल है | बड़े और छोटे बच्चे लोग बहुत आम को पसंद करते है | आम पाक जाता है तो उसका आमरस बनता है वो बहुत अच्छा लगता है | आम एक ऐसा फल जो की गर्मी में मिलने वाली एक मेजवानी ही रहती है |

गर्मी के छुट्टी में सभी लोग समुंदर पर घुमने जाते है | देश में बहुत ऐसी जगह है वहा सभी अपने जीवन के आनंद लेते है | अलग अलग पर्यटन स्थल भी है वहा पे भी सब लोग मौज मजा करने जाते है | मंदिर के आसपास की जगह में खड़े रहकर समुंदर देखने के बहुत आव्हा लगता है | समुंदर में जेक पानी में खेलने के लिए बहुत मजा आती है | समुंदर का धवल रंग पानी देखने में बहुत अच्छा लगता है |

निष्कर्ष

गर्मी के छुट्टिया में हमने बहुत कुछ सिखा और बहुत मजा भी आया | मुझे मेरी पढाई को बेहतर बनाने के लिए छुट्टिया ने मेरा बहुत कुछ साथ दिया | इस छुट्टी की वजह से मेरे मन को शांति मिल गयी | मेरा मन इस सब सारे चीजो को देखके बहुत खुश हो गया | मेरी गर्मी की छुट्टी वास्तव में सब छुट्टियों में से अच्छी रही |

Updated: May 20, 2019 — 4:24 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *