गर्मी की छुट्टी पर निबंध कक्षा ४ के लिए – पढ़े यहाँ Summer Vacation Essay In Hindi For Class 4

प्रस्तावना:

ग्रीष्म ऋतु यह सबसे गर्मी का मौसम होता है | इस गर्मियों के छुट्टी का इंतजार बच्चे बहुत बेसब्री करते हैं | हर एक बच्चा स्कूल को छुट्टी मिलने पर समर वेकेशन पर जाने का प्लान बनाते हैं |

कई अपने परिवार के साथ, तो कोई दोस्तों के साथ अलग – अलग  जगह पर जाने का प्लान बनाते हैं | तो कोई अपने नाना – ननी के घर जाने का सोचते हैं | यह एक ऐसा समय होता हैं जो, जिसमे सभी बच्चे बहुत खुश नजर आते हैं |

गर्मी का मौसम

यह मौसम मार्च या अप्रैल महीने से शुरू होता हैं और जून महीने तक रहता हैं | इस मौसम में दिन लम्बे होते हैं और राते छोटी होती हैं | इस मौसम में सूरज की गहराई सबसे ज्यादा आती हैं | जिसके कारण धरती का आधा हिस्सा सूरज की किरणों का सामना करता हैं |

गर्मी के मौसम में सुबह बहुत अच्छा लगता हैं | लेकिन जब दोपहर के समय पूरी धरती गर्म हो जाती हैं | इस मौसम में गर्म हवा चलने लगती हैं |

आनंददायी मौसम

इस मौसम में बच्चों को बहुत मजा आता हैं | इस मौसम में उन्हें तैरने का आनंद मिलता हैं | गर्मी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्र, फलों का आनंद मिलता हैं | गर्मी के मौसम में आम, काजू और अन्य प्रकार के फल खाने के लिए मिलते हैं |

पर्यटन स्थल

हम सभी लोग गर्मी के छुट्टी मानाने के लिए गोवा गए थे | यह हमारे भारत के सबसे पर्यटन स्थलों में से एक हैं | हम सभी लोगों ने गोवा जाने के लिए एक बस बुक की थी | गोवा भारत देश के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित हैं | यह समुद्र तटों के लिए और पूजा के लिए बहुत अच्छी जगह हैं | हम सभी ने गोवा को इसलिए चुना की इस मौसम में समुद्र तटों की संख्या सबसे ज्यादा होती हैं |

हम सभी लोग पहले दिन बेट्स द्वीप पर जाने की योजना बना रहे थे | यहाँ पर हम पुरे दिन आराम किये | उसके दुसरे दिन स्प्रेड बोट कुजिंग में दर्शनीय स्थलों का आनंद लेते थे |

क्रूज के साथ हमारे पास अच्छा समय था | इसलिए हम लोगों ने इस दिन का आनंद लिया | उसके तिसरे दिन हम दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए गए |

दुधसागर झरना

हमारे यात्रा का चौथा टप्पा था दूधसागर झरना | जो हमारे देश का सबसे बड़ा झरना हैं | इस झरने का देश में पांचवा क्रमांक लगता हैं | यह सबसे बड़ा झरना हैं | हम सभी लोगों ने गोवा में बहुत सारी मजा की |

निष्कर्ष:

हम सभी ने इस यात्रा में सबसे ज्यादा मजा समुद्र तटों पर की थी | मैं इस यात्रा को कभी भी नहीं भुला सकता |

Updated: May 20, 2019 — 6:20 am

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