सामाजिक समस्या पर निबंध – पढ़े यहाँ Social Problem Essay In Hindi

प्रस्तावना:

हमारा भारत देश यह सबसे बड़ा देश हैं | इस देश में अलग – अलग जाती और धर्म के लोग रहते हैं | इस देश में रहने वाले सभी लोगों की अनेकता में एकता की भावना दिखाई देती हैं |

इस देश के सभी लोगों का खान – पान, रहन – सहन, भाषा, पहनाव यह सब विभिन्न हैं | हर एक धर्म की विचारधारा अलग – अलग होती हैं | लेकिन इस देश में बहुत सारी सामजिक समस्या हैं |

सामाजिक बुराइयों का कारण

हमारे देश पर बहुत सारे विदेशी लोगों ने आक्रमण कर दिया था | जिसमे कुछ लोगों के उसे अपना लिया और कुछ लोगों को सामाजिक और धार्मिक प्रथाओं को मानने के लिए मजबूर कर दिया था | जिसके कारण समाज की सतही बिगड़ गयी |

देश स्वतंत्र होने से पहले ब्रिटिश सरकार की वजह से भारतीय लोगों को बहुत सारी प्रथाओं का सामना करना पड़ता था | इस सामाजिक समस्याओं की उत्पत्ति धर्मी और सांस्कृतिक प्रथोओं से शुरू होती हैं |

सामाजिक समस्या

देश में सामाजिक समस्याओं की उत्पत्ति होने के कारण बहुत सारे लोगों को परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था | समाज में अन्य पराक्र की कृतिया यह समाज द्वारा या कुछ लोगों के द्वारा लगाई जाती हैं |

इस देश में महिलाओं को कमजोर समझा जाता था, उनके ऊपर अत्याचार किये जाते थे, कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, बाल मजदूरी, दहेज़ प्रथा, अंधविश्वास इत्यादि | हमारे देश में सबसे पहले सती प्रथा भी थी | लेकिन कुछ समय बाद वो नष्ट हो गयी |

बाल विवाह

बाल विवाह का मतलब होता हैं, कम उम्र में बच्चे की शादी कर देना | इस बाल विवाह के समस्या का सामना ज्यादातर लड़कियों को करना पड़ता था | लड़की की कम उम्र में ही उसकी शादी करके देते थे | इसका सबसे बड़ा कारण होता दहेज़ प्रथा | परिवार के लोग अशिक्षित होने के कारण वो अपने लड़की को बोझ समझते थे | गरीबी भी यह एक अभूत बड़ी समस्या थी | गरीबी की वजह से लोग लड़कियों की शादी करते थे |

जातिवाद

हमारे देश में जातिवाद किया जाता था | काम के क्षेत्र में उच्च जाती वाले लोगों को सबसे ऊपर स्थान दिया जाता था और छोटी जाती वाले लोगों को छोटा – बड़ा काम दिया जाता था |

देश में जाती के अनुसार काम दिया जाता हैं | जातिवाद के कारण लोगों में भेदभाव किया जाता था | जातिवाद की भावना असामनता को बढ़ावा देती थी |

दहेज़ प्रथा

देश में दहेज़ प्रथा यह सबसे बड़ी समस्या थी | लड़की के शादी पर परिवार वालों को दहेज़ देना पड़ता था | दहेज़ में संपत्ति, धन – दौलत, गाड़ी और जमीं जायदात यह सभी देना पड़ता था |

लेकिन कई लोग गरीबी के कारण यह सब नहीं देने की वजह से उसके लड़की की शादी नहीं की जाती थी | इसकी वजह से कई लोग लड़कियों को बोझ समझते थे | यह प्रथा आज भी देश में कार्यरत हैं |

निष्कर्ष:

इन सभी सामाजिक समस्याओं को दूर करने के लिए लोगों को जागरूक करना पड़ेगा | समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों को रोकने के लिए सभी को प्रयास करना होगा और लोगों की सोच को बदलना होगा |

Updated: April 13, 2019 — 5:06 am

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