लाल बहादुर शास्त्री पर निबंध – पढ़े यहाँ Short Essay On Lal Bahadur Shastri In Hindi

प्रस्तावना:

लाल बहादुर शास्त्री यह एक सच्चे देशभक्त थे | यह हमारे स्वतंत्र भारत के दुसरे प्रधानमंत्री थे | उसके साथ – साथ इन्होने स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया हैं |

वो हमारे भारत के राष्ट्र निर्माता में से एक थे | लाल बहादुर शास्त्री ने अपना पूरा जीवन सदेश के समर्पित किया |

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म

लाल बहादुर शास्त्री का जन्म २ अक्टूबर, १९०४ को उत्तर प्रदेश के मुग़ल सराय में हुआ था | उनके पिता का नाम शारदा प्रसाद और माता का नाम रामदुलारी देवी था | उनका पूरा नाम लालबहादुर शारदाप्रसाद श्रीवास्तव था | उनके पिता एक शिक्षक थे |

उन्होंने सन १९७२ में अपनी १२ वर्ष की उम्र में यह फैसला किया की वो श्रीवास्तव नाम का प्रयोग नहीं करेंगे | उन्होंने अपने सरनेम का त्याग किया | शास्त्रीजी के पिता जी इनके बचपन में ही स्वर्गवासी हो गए |

लाल बहादुर की शिक्षा

लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपनी ४ वर्ष की उम्र में ही शुरू की थी | उन्होंने छठवी तक की शिक्षा मुग़लसराय के ईस्ट सेंट्रल रेलवे इण्टर कॉलेज से की थी |

लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका परिवार वाराणसी में स्थानांतरित हो गया | सातवी की शिक्षा प्राप्त करने के लिए उन्होंने हरिश्चन्द्र इन्टर कॉलेज में प्रवेश लिया |

असहयोग आंदोलन

जब वो दसवी कक्षा में थे तब उन्होंने गांधीजी का एक व्याख्यान सुना | जिसकी वजह से वो काफी प्रभावित हुए | सभी छात्रों से गांधीजी ने एक अपील किया की सरकारी विद्यालयों से अपना दाखला वापस ले ले और असहयोग आंदोलन में सहभाग ले |

लाल बहादुर शास्त्री गाँधीजी के विचारों से प्रभावित होकर अपना दाखला वापस लिया और उनके असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया | उसकी वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा | वो अवयस्क होने के कारण उन्हें जल्दी रिहा कर दिया |

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

लाला बहादुर शास्त्री यह गाँधीवादी विचारधारा के थे | उन्होंने गांधीजी के नेत्तृत्व में कई सारे आंदोलनो में सहभाग लिया | उसकी वजह से उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा |

वो ‘सर्वेन्ट आँफ पीपल सोसाइटी’ के सदस्य भी थे | यह सोसाइटी लाला लजपत राय के द्वारा देश के लोगों के भलाई के लिए बनाई गयी थी |

शास्त्री जयंती

हर साल हमारे देश में २ अक्टूबर को शास्त्री जयंती के रूप में मनाया जाता हैं | गाँधी जयंती की तरह हर एक स्कूल, कॉलेज और महाविद्यालय में शास्त्री जयंती मनाई जाती हैं |

इस दिन बच्चे गांधीजी और शास्त्रीजी की वेशभूषा परिधान करते हैं | कई बच्चे वेशभूषा धारण करके उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ लगते हुए आते हैं | इस दिन कई सारी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता हैं |

निष्कर्ष:

लाल बहादुर शास्त्री यह एक सच्चे देशभक्त और ईमानदार थे | जिन्होंने अपना सारा जीवन देश की सेवा करने में लगा दिया | हमारा भारत देश हमेशा उनके सरल जीवन और निस्वार्थ सेवा से प्रेरणा लेता रहेगा |

Updated: May 23, 2019 — 7:32 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *