सत्संगति पर निबंध – पढ़े यहाँ Satsangati Essay In Hindi

प्रस्तावना:

हर एक व्यक्ति को को समाज में अपना स्थान प्राप्त करने के लिए सत्संगति बहुत जरुरी हैं | व्यक्ति को जीवित रहने के लिए जैसे भोजन की आवश्यकता होती हैं वैसे ही उसे अपने जीवन में अच्छी सत्संगति की जरुरत हैं |

जब व्यक्ति अपनों से विद्वान, गुणवान और अच्छे लोगों के संपर्क में आता हैं, तो उस व्यक्ति में अच्छे गुणों का विकास हो जाता हैं | उसके पास के सभी दुर्गुण दूर हो जाते हैं और वो सद्गुणों को अपनाता हैं | इसे व्यक्ति के जीवन में सुख और शांति प्राप्त हो जाती हैं |

सत्संगति शब्द का अर्थ –

सत्संगति यह शब्द दों शब्दों से बना हुआ हैं – सत और संगती | सत का अर्थ होता हैं – अच्छा और संगति का अर्थ होता हैं – साथ | सत्संगति का अर्थ होता हैं अच्छे लोगों की संगत |

संगति का असर

जो व्यक्ति जैसी संगत में रहता हैं वो उसी तरह से बन जाता हैं | सज्जन लोगों के संगति को सत्संगति कहा जाता हैं | सत्संगति का असर यह व्यक्ति के ऊपर पड़ता हैं |

जो लोग बुरी संगति में रहते हैं वो बुरे ही बन जाते हैं और जो अच्छे लोगों का साथ पकड़ते हैं वो अपने जीवन में सफल हो जाते हैं | और अच्छी संगति से अच्छा बन जाते हैं |

सत्संगति की विशेषता

व्यक्ति के जीवन में सत्संगति का विशेष महत्व हैं | जो लोग अच्छे लोगों के साथ रहता हैं वो अच्छे व्यक्ति के विचारों को सीखता हैं और जो लोग बुरे लोगों के साथ रहते हैं, वो बुरे विचारों को सीखता हैं |

सत्संगति यह व्यक्ति को असत्य से सत्य की तरफ, अंधकार से प्रकाश की तरफअ और अज्ञान से ज्ञान की तरफ लेकर जाती हैं | अच्छे लोगों की और महान लोगों की संगत हमेशा अच्छी और लाभदायक होती हैं |

संत कबीरदास जी ने लिखा हैं की, सत्संगति यह कल्पवृक्ष की शाखा की तरह होती हैं | इसमें मनुष्य को हमेशा सदैव अच्छा फल प्राप्त हो जाता हैं |

सत्संगति के प्रकार

सत्संगति यह दो प्रकार की होती हैं – सत्संगति और कुसंगति | मनुष्य को कौनसी सत्संगति अपनानी हैं वो उसे तय करना रहता हैं | अगर मनुष्य सत्संगति को अपनाता हैं तो उसे अपने जीवन में सफलता प्राप्त होती हैं और कुसंगति की वजह से मनुष्य का जीवन नष्ट हो जाता हैं |

सत्संगति

सत्संगति की वजह से मनुष्य के अन्दर साहस और धैर्य का संचार हो जाता हैं | उसके जीवन में ज्ञान की वृद्धि हो जाती हैं | एक गुणवान व्यक्ति सत्संगति में रहकर अच्छे ज्ञान और अच्छे विचारों को ग्रहण कर सकता हैं |

कुसंगति

कुसंगति मनुष्य का जीवन तबाह कर देती हैं | व्यक्ति के अन्दर जितनी भी बुरी आदते होती हैं  वो कुसंगति में रहकर होती हैं | कुसंगति से महान से महान व्यक्ति का भी जीवन पतन हो जाता हैं |

निष्कर्ष:

संगति का सबसे ज्यादा प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर होता हैं | इसलिए कहा गया हैं की, जो व्यक्ति जैसी संगति अपनाता हैं वो उसे वैसी ही बना देती हैं |

मनुष्य को हमेशा अपने जीवन में सत्संगति ही अपनानी चाहिए | क्योंकि सत्संगति यह हमेशा जीवन का सही रास्ता दिखाती हैं |

Updated: May 20, 2019 — 9:26 am

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