समय का महत्व पर निबंध कक्षा ८ के लिए- पढ़े यहाँ Samay Ka Mahatva Essay In Hindi For Class 8

प्रस्तावना:

सम्पूर्ण संसार में मानव का जीवन नदी के लहरों के सामान होता है, जिस प्रकार से नदि की धाराएँ अपने आस-पास उबड़ खाबड़ पथरीले इलाके में से लड़ते-भिड़ते बड़ते रहती है |

और बहती हुई आगे की ओर बढ़ते रहती है, ठीक मानव के जीवन में भी समय का कुछ इसी प्रकार से महत्व रहा है आज के समय में समय बहुत ही अनमोल हैं |

वर्तमान में आधुनिक जीवन बहुत ही तीव्रता से आगे की ओर बढता जा रहा है, किंतु जो मनुष्य समय के साथ-साथ नहीं चलता तो समय भी उसके विपरीत दिशा में चलना प्रारंभ कर देता हैं |

समय का महत्व 

ईश्वर ने प्रत्येक जीव को पृथ्वी पर एक निश्चित उद्देश्य और एक निश्चित समय के साथ भेजा हैं| और इसीके साथ-साथ सभी के जीवन में उतार-चढ़ाव भी होता रहता हैं, जिसे हम में सुख:-दुःख के नाम से भी जानते हैं |

जिस प्रकार से खोया हुआ धन हम पुनः प्राप्त कर सकते हैं, किंतु हम स्वयं के द्वारा व्यर्थ किया हुआ समय पुनः प्राप्त नहीं कर सकते, कारण यह ईस्वर की बनाया हुआ समय हैं, जिसे हम कहते है की, जो बित गया सो बीत गया अब आगे की सोचों |

समय अमूल्य धन 

समय एक अमूल्य वस्तु के साथ-साथ अमूल्य धन भी होता है,  जिसे की आम जीवन में हम व्यर्थ में न खर्च कर उसे सोच-समझ कर उपयोग में लाना चाहिये |

हमें जो भी कार्य करना होता है, उसे सुबह के समय ही यह निश्चित कर लेना चाहिए  वह भी समय सारणी बना के, यदि हम अपने द्वारा बनायें गयें समय सरणियो के हिसाब से काम नहीं करेंगे तो हम आलस्य का शिकार हो जायेंगे|

जो की एक मात्र आलस्य का हमारे जीवन पर बहुत ही घातक प्रभाव पड़ा हैं,जिसे हम कहते हैं, की आज नहीं तो कल कर लेंगे किंतु जब भी हम अपना कोई भी काम दुसरे पर टालते हैं| और कल पर छोड़ देते हैं, तब मानो की हम अपने आप को संकट की ओर ले जाते हैं |

समय का सदुपयोग 

हमें अपने जीवन में समय को बहुत महत्व देना चाहिये, चूँकि यदि हम समय पर तथा समय के साथ-साथ नहीं कार्य करेंगे, तो हम आज के बड़ते समय में हम पीछे रह जायेंगे |

हमें समय का सदुपयोग विभिन्न प्रकार से करना चाहिये| जैसे की जब किसी भी व्यक्ति को उसके कार्य से अवकाश मिलता हैं| तब उसे व्यर्थ में ही नहीं बैठे रहाना चाहिए| बल्कि उसे कोई न कोई काम करना चाहिए, जिससे की उसे उस कार्य का भविष्य में उपयोग हो जाये |

निष्कर्ष :

आज के दैनिक जीवन बहुत व्यस्त रहनेवाला है, जिसमे हम अपने निजी व्यर्थ कार्यो को पूर्ण कर लेते है, किंतु जो अति आवश्यक काम है, उसे हम पीछे छोड़ देते हैं | और यही कारण है, की हम समय का सदुपयोग करने में सक्षम नहीं हो पाते हैं|

समय ही हमारा वास्तविक धन होता है, जो की हम समझ नहीं पाते किंतु हम आपने परिश्रम द्वारा धन का सही से उपयोग करते है| और वही पर समय जैसे अनमोल धन को व्यर्थ कर देते हैं |

अतः संत कबीरदास अपने दोहे में कहते हैं की, “तब पछताए होत का,जब चिड़िया चुक गई खेत”

Updated: March 15, 2019 — 11:14 am

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