सचिन तेंदुलकर पर निबंध कक्षा ५ के लिए – पढ़े यहाँ Sachin Tendulkar Essay In Hindi For Class 5

प्रस्तावना:

सचिन तेंदुलकर यह भारत देश का सबसे महान खिलाडी हैं | उनको क्रिकेट खेल का भगवान माना जाता हैं | यह विश्व के सबसे लोकप्रिय क्रिकेटर बने और उन्होंने अपना जीवन अत्यंत सरल और सीधे रूप में जिया हैं |

सचिन तेंदुलकर का जन्म

सचिन तेंदुलकर इनका जन्म २४ अप्रैल, १९७३ को मुंबई में हुआ था | उनका जन्म एक माध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था | उनका पूरा नाम सचिन रमेश तेंदुलकर था | उनके पिता का नाम रमेश तेंदुलकर था | सचिन तेंदुलकर इनके पत्नी के नाम अंजलि तेंदुलकर था और उनके दो बच्चे थे – सारा और अर्जुन |

सचिन तेंदुलकर की शिक्षा

इन्होने अपनी शिक्षा शारदाश्रम विद्यामंदिर से प्राप्त की थी | सचिन तेंदुलकर ने रमाकांत आचरेकर को अपना गुरु माना था | उनके ही शिक्षण में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था |

उसके बाद सचिन जी ने गेंदबाजी सिखने के लिए एम.आर.एफ.पेस फाउंडेशन में प्रवेश लिया | उनके वाहन पर अपने बल्लेबाजी पर ध्यान रखने के लिए कहा |

क्रिकेट के क्षेत्र में पदार्पण

उन्होंने अपनी १६ वर्ष की उम्र सन १९८९ में आंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करके बल्लेबाजी में यश प्राप्त किया | सचिन जी ने टेस्ट और एक दिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक बनाये हैं | उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे |

क्रिकेट खेल से संन्यास

उनको सन २०१२ में राज्य सभा के सदस्य बनाये गए | दिसंबर २०१२ में उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट  से संन्यास लेने की घोषणा कर दी | उन्होंने ट्वेंटी – ट्वेंटी सामना में अक्टूबर २०१२ में संन्यास लिया और १६ नवम्बर २०१३ को अपनी आखिरी मैच खेला |

पुरस्कार प्रदान

सचिन तेंदुलकर को बहुत सारे पुरस्कारों से सम्मानित किया गया हैं | उनको सन १९९४ में अर्जुन अवार्ड और सन १९९७ में राजीव गाँधी खेल रत्न, सन १९९९ में पद्मश्री और सन २००८ में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया हैं | उनको सन २०१३ में भारत के सर्वोच्च पुरस्कार भारतरत्न से सन्मानित किया गया |

अलग – अलग नाम

सचिन तेंदुलकर यह पुरे विश्व के प्रख्यात खिलाडी थे और पुरे विश्व में उनके बहुत सारे प्रशंसक भी थे | उनको सभी लोग अलग – अलग नाम से पुकारते थे | उन सभी नामों से लिटिल मास्टर और मास्टर ब्लास्टर यह दो नाम सबसे प्रसिद्ध हैं |

निष्कर्ष:

इस धरती पर सचिन तेंदुलकर जैसे भाग्यशाली खिलाडी का जन्म हुआ हैं | सचिन तेंदुलकर अपने व्यक्तिमत्व के कारण और क्रिकेट खिलाडी की वजह से उन्हें पुरे दुनियाभर प्रेम और सम्मान मिलने में यश प्राप्त हुआ |

सचिन जी ने अपने मन में गर्व की भावना नहीं रखकर वो आज पूरी दुनिया के सामने एक मिसाइल बने | वो एक अच्छे खिलाडी होने के साथ – साथ एक अच्छे नागरिक भी थे |

Updated: April 15, 2019 — 4:31 am

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