शिक्षा का अधिकार अधिनियम पर निबंध – पढ़े यहाँ Right To Education Act Essay In Hindi

प्रस्तावना:

शिक्षा हर एक व्यक्ति के लिए बहुत जरुरी हैं | हर किसी देश के विकास के लिए शिक्षा सबसे ज्यादा जरुरी हैं | शिक्षा मनुष्य की मुलभुत आवश्यकता हैं | ऐसा कहाँ जाता हैं की, अगर कोई मनुष्य बिना शिक्षा के बिना अधुरा रहता हैं, तो उसका जीवन पशु के समान होता हैं |

इसलिए मनुष्य को शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए | शिक्षा के सहायता से हम सही और गलत का निर्णय ले सकते हैं | अपने जीवन में आगे बढ़ सकते हैं |

शिक्षा का अधिकार अधिनियम

पुरे देश में भारत सरकारने शिक्षा का अधिकार अधिनियम 1 अप्रैल, २०१० को लागु कर दिया हैं | इसके द्वारा सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी |

शिक्षा का अधिकार अधिनियम का मुख्य उद्देश

इसका मुख्य उद्देश्य यह है की, ६ से १४ वर्ष तक के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा दी जाएगी | बच्चों को अभी प्राथमिक शिक्षा पाने के लिए क़ानूनी अधिकार मिल गया हैं |

इस अधिनियम की मुख्य विशेषता यह है की, गरीब परिवार के बच्चे जो प्राथमिक शिक्षा से वंचित हैं | उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण दिया गया हैं |

शिक्षा का अधिकार अधिनियम की आवश्यकता

शिक्षा का अधिकार अधिनियम हर एक व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं | आज इस दुनिया में बहुत सारे गरीब परिवार के लोग अपने बच्चों को उचित शिक्षा नही दे पा रहे हैं |

उनके पास अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए उचित पैसा नहीं हैं | जिसकी वजह से शिक्षा के अधिकार के द्वारा बच्चों को मुफ्त में शिक्षा दी जा रही हैं | कई सारे गरीब लोग अपने बच्चों से काम करवाते हैं |

इस अधिकार के बाद गरीब बच्चों को शिक्षा प्राप्त होगी और वो अपने जीवन में कुछ अच्छा और बड़ा कर सकते हैं |

शिक्षा का अधिकार के अधिनियम

अनिवार्य शिक्षा

६ से १४ वर्ष तक हर एक बच्चे को मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाएगी |

बच्चों को ४ या ६ साल तक अनिवार्य प्रवेश, उपस्थिति और शिक्षा की समाप्ति सुनिश्चित कर दी जाएगी |

नि:शुल्क और अनिर्वाय शिक्षा अधिकार

६ या ४ वर्ष तक के हर एक बच्चे को नजदीकी के सरकारी विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा पूरी करने के लिए नि:शुल्क और अनिर्वाय शिक्षा का अधिकार दिया गया हैं | उसके साथ – साथ उन्हें किसी भी प्रकार का शुल्क या अन्य खर्च नहीं भरना पड़ेगा |

अगर ६ से १४ साल उम्र का कोई भी बच्चा किसी विद्यालय में प्रवेश न होने के कारण वो प्राथमिक शिक्षा से वंचित हैं, तो उसे उसके उम्र के अनुसार उचित शिक्षा में प्रवेश दिया जायेगा |

निष्कर्ष:

हर किसी देश का विकास शिक्षित लोगों पर निर्भर होता हैं | हम सभी शिक्षा के द्वारा अपने राष्ट्र का विकास कर सकते हैं | इसलिए भारत सरकारने शिक्षा के महत्व को समझते हुए, सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का अधिकार प्राप्त करके दिया हैं |

हम सभी भारतीय नागरिकों को हमारे भारत देश को एक निश्चित और अग्रेसर राष्ट्र बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए | तभी विकसित देश बन पाएगा |

Updated: May 20, 2019 — 7:50 am

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