परोपकार पर निबंध – पढ़े यहाँ Philanthropy Essay In Hindi

प्रस्तावना :

हर मनुष्य के जीवन में परोपकार का बहुत महत्व हैं | भगवान ने प्रकृति को ऐसे बनाया हैं परोपकार उसके रूप में ही काम कर रहा हैं | इस समाज में परोपकार से बढ़कर कोई धर्म नही हैं |

जैसे की वृक्ष कभी अपना फल नही खाता हैं , नदी अपना जल कभी नही पीती हैं , सूर्य भी हम सभी को रौशनी देकर चला जाता हैं |

हर मनुष्य की पहचान परोपकार से ही की जाती हैं | बहुत सारे लोग परोपकार के लिए अपना सब कुछ त्याग करने के लिए भी तैयार हो जाते हैं | वह मनुष्य अच्छा कहलाता हैं |

जो समाज दूसरों की मदद करने के लिए तैयार होता हैं वही समाज सुखी होता हैं | परोपकार मनुष्य के स्वभाव का एक गुण होता हैं |

परोपकार शब्द का अर्थ 

परोपकार यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हैं – पर + उपकार | परोपकार का अर्थ होता हैं दूसरों के लिए अपने जीवन का त्याग करना या दूसरों को जरुरत होने पर सहायता करना | जब हर मनुष्य दूसरों के लिए अपने सर्वस्व का बलिदान देता हैं उसे परोपकर कहा जाता हैं |

जैसे की महाराज शिवी ने एक कबूतर के लिए अपने हाथ का बलिदान दिया था | और धर्म की रक्षा करने के लिए गुरु गोविन्द सिंह जी ने खुद बलिदान दिया था | ऐसे महान व्यक्तिओं ने अपने देश के लिए अपने जीवन का त्याग किया हैं |

धर्म में महत्व 

हर मनुष्य का सर्वश्रेष्ठ धर्म परोपकार ही होता हैं | हर मनुष्य के पास अच्छा दिमाग और संवेदनशील ह्रदय भी होता हैं | “मनुष्य” किसी व्यक्ति को दुखी देखकर वो खुद दुखी हो जाता हैं |

उसके मन में उस व्यक्ति के लिए सहानुभूति होती हैं | वो हमेशा दूसरों के दुःख को दूर करने की कोशिश करता हैं | इसे परोपकार कहते हैं |

हर मनुष्य के अन्दर दया, करुना और संवेदना की भावना रहती हैं | परोपकार का समाज में बहुत महत्त्व हैं | इस परोपकार की तरह कोई धर्म या कोई पुण्य नही माना जाता हैं |

हर मनुष्य दूसरों के दुःख में ही अपना सुख देखता हैं | वो हमेशा दूसरों को सुख देता हैं और खुद दुःख सहन करता हैं |

जीवन में महान कार्य

जो मनुष्य दूसरो की सहायता करता हैं वो मनुष्य समाज में आदर्श व्यक्ति के रूप में माना जाता हैं | जो परोपकारी मनुष्य रहता हैं उसको समाज में सम्मान मिल जाता हैं |

हमारे देश में बहुत सारे महान पुरुष होकर गए जिन्होंने इस देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया हैं | उनको उसी परोपकार की वजह से समाज में सन्मान और यश मिला हैं |

निष्कर्ष :

परोपकार यह एक समाज आधार माना जाता हैं | हर किसी व्यक्ति को “दूसरो” के लिए सहायता “करनी” चाहिए |

Updated: March 18, 2019 — 11:18 am

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