परोपकार पर निबंध कक्षा ३ के लिए – पढ़े यहाँ Philanthropy Essay In Hindi For Class 3

प्रस्तावना:

हर किसी के जीवन में परोपकार का बहुत महत्व होता हैं | परोपकार से बढकर कोई भी धर्म नहीं माना जाता हैं | परोपकार यह एक ऐसा गुण हैं जो मनुष्य को पशु से अलग करके अलग वर्ग में खड़ा कर दिया हैं | प्रकृति के हर एक कण – कण में परोपकार समाविष्ट हैं |

जिस तरह से पेड़ अपना फल नहीं खाते हैं, नदी अपना पानीं नहीं पीती हैं और सूर्य हमें प्रकाश देकर चला जाता हैं | इसी तरह से प्रकृति हम सभी को अपना सर्वस्व देती हैं | मनुष्य को प्रकृति से बहुत चीजे प्राप्त करके देती हैं | लेकिन उसके बदले में हम किसी से कुछ नहीं मांगती हैं |

परोपकार का अर्थ

परोपकार यह शब्द दो शब्दों से मिलकर बना हैं – पर + उपकार | परोपकार का अर्थ होता हैं दूसरों के लिए अच्छा कार्य करना | इसका दूसरा अर्थ भी होता हैं की, दूसरों की मदद करना | जब कोई भी मनुष्य अपना स्वार्थ भूलकर दूसरों की ख़ुशी के लिए अपना जीवन त्याग करता हैं उसे परोपकार कहते हैं |

जीवन में महत्व

किसी भी व्यक्ति की पहचान यह उसके परोपकार से की जाती हैं | जो मनुष्य दूसरों के लिए अपना सब कुछ त्याग करता हैं वो मनुष्य सच में बहुत अच्छा होता हैं |

जो मनुष्य दूसरों की सहायता करता हैं उस मनुष्य को सम्मान के दृष्टी से देखा जाता हैं | जो समाज दूसरों की सहायता करने के लिए तत्पर होता हैं वो समाज हमेशा सुखी और समृद्ध होता हैं |

परोपकार के फायदे

परोपकारी मनुष्य हमेशा दूसरों को सहायता करता हैं | वो दूसरों के सुख – दुःख में शामिल हो जाता हैं | उस मनुष्य के अंदर किसी के लिए द्वेष नहीं होती हैं | उस मनुष्य के मन कोई भी कटूरता की भावना नहीं होती हैं | उसी की तरह बहुत सारे महान पुरुषों ने परोपकार के निमित्त पर अपने जीवन का त्याग कर दिया हैं |

मनुष्य को अपने साथ – साथ दूसरों के भी कल्याण के बारे में सोचना चाहिए | मनुष्य को दूसरों की सहायता करनी चाहिए | जो मनुष्य दूसरों के सुख – दुःख में शामिल नहीं होता हैं वो मनुष्य नहीं होता हैं | उसे एक पशु के समान माना जाता हैं |

आनंद और सुख का आधार

परोपकारी मनुष्य में स्वार्थ की भावना नहीं होती हैं | दूसरों की सहायता करने से मनुष्य के मन को शांति मिल जाती हैं | परोपकार के कारण भाईचारे की भावना और बंधुत्व की भावना को बढ़ावा मिलता हैं |

मनुष्य को गरीब लोगों की सहायता करनी चाहिए | दूसरों की मदद करने से उसे बहुत आनंद मिल जाता हैं | जो मनुष्य हमेशा दूसरों के हित करने के लिए जीता हैं उसका जीवन सुख से भरा होता हैं |

निष्कर्ष:

यह मानव जाती का सबसे बड़ा आधार होता हैं | इसके बिना कोई भी सामाजिक जीवन का विकास नहीं कर सकता हैं | हर एक व्यक्ति को दूसरों के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए | मनुष्य में दूसरों के लिए घृणा और हिंद की भावना नहीं होनी चाहिए|

Updated: May 18, 2019 — 7:11 am

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