पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध – पढ़े यहाँ Pandit Jawaharlal Nehru Essay In Hindi

प्रस्तावना:

सन १९४७ में भारत देश आजाद हुआ तब भारत देश के “सर्वप्रथम” प्रधानमंत्री श्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी थे इनका जन्म उत्तर प्रदेश राज्य के इलाहाबाद नामक शहर में 14 नवंबर 1889 को हुआ था|

नेहरू जी अपने माता पिता के प्रिय पुत्र थे, नेहरू जी के पिताजी का नाम श्री मोतीलाल नेहरू था, तथा उनकी माताजी का नाम स्वरूपरानी  नेहरू जी अपनी शिक्षा को पूर्ण करने के पश्चात वे वकालत करना चाहते थे|

किंतु देश के बदलते समय चक्र में नेहरू जी ने अपने वकालत को छोड़ दिया | और गांधी जी के साथ देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए आजादी के संघर्ष में कूद गए एसे ही है, कुछ चाचा नेहरू का जीवन हैं |

पंडित जवाहरलाल नेहरू का राजनीतिक जीवन

भारत देश को जब संपूर्ण रूप से आजादी प्राप्त हो गई तो, कुछ ही समय बाद देश के प्रधान मंत्री चुनना अति आवश्यक हो गया क्योंकि, देश को चलाने के लिए प्रधानमंत्री आवश्यकता लगने लगी इसी के कारण नेहरु जी ने कांग्रेस नामक पार्टी का निर्माण किया, और इसी पार्टी के माध्यम से पंडित जवाहरलाल नेहरु जी भारत के प्रधानमंत्री बनने में सक्षम हुए |

महात्मा गांधी के साथ संग्राम में पंडित जवाहरलाल नेहरू पार्टी में सम्मिलित हुए और देश को दिशा दिखाने के लिए एक नए मार्ग का आरंभ किया और कड़ी मेहनत ने उनको इतना बुलंद बनाया , की वह भारत के सर्वप्रथम प्रधानमंत्री बने थे,  देश की हित में कार्य करते – करते सन 1916 में पंडित जी ने कमला कौल से विवाह रचाया और सन 1917 में एक पुत्री के पिता बने जिसे सब गांधी के नाम जानते हैं|

पंडित जवाहरलाल नेहरू महान व्यक्ति के साथ – साथ एक राजनीतिज्ञ लेखक तथा प्रवक्ता और गरीबों के हमदर्द भी थे, स्वयं को और कांग्रेस पार्टी से जुड़े सभी लोगों को यही प्रेरणा देते थे कीं, हमें देश की उन्नति हेतु सदैव तत्पर रहना चाहिए|

पंडित जवाहरलाल नेहरू जी अपनी राजनीती का कार्य बखूबी निभाते हुए वे अपने चहेते बच्चो को भी समय देते थे, और साथ – साथ देशभक्ति का ज्ञान भी प्रदान करते थे, जिससे बच्चे अति प्रभावित होते और अंत में उन्हें गुलाब का फुल देकर विदा करते थे |

पंडित जवाहरलाल नेहरू का संघर्ष भरा जीवन

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जब प्रधानमंत्री की कुर्सी प्राप्त की तभी यह सम्पूर्ण भारत में आवाहन कर दिया गया कीं, आराम हराम है जब यह पाया की अंग्रेज सरकार भारत के नागरिकों पर क्रूर व्यवहार कर रहे थे| तब उन्होने भारत को अंग्रेजों की गुलामी से छुटकारा दिलाने के लिये कड़ा संघर्ष किया|

नेहरू जी भारत देश में शांति स्थापित करने के लिये विभिन्न प्रकार के संघर्षों का सामना कियें | जिनमें से उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा था, परंतु वह हारे नहीं अपने जीवन में आने वाले सभी प्रकार के मुसीबतों का डटकर सामना किया, वे अपने जीवन का संपूर्ण समय कांग्रेस पार्टी बनाकर देश के हित में सोचने समझने तथा स्वतंत्रता प्राप्त करने में लगा दी|

निष्कर्ष:!

जैसा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू को बच्चे बहुत पसंद थे, इसी कारण से उनको बच्चे चाचा नेहरू के नाम से भी जानते थे, हालांकि सदैव से यह नियम रहा है, कि मनुष्य अपने द्वारा कियें गए कर्मों से पहचाना जाता है|

हमारे भारत देश में सदैव से ही जितने क्रांतिकारी हुयें उनमे से एक नेहरू जी भी थे तथा जितनी अन्य क्रांतिकारियों को पीड़ा सहनी पड़ी थी, उतनी कठिनाइयों का सामना पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को करना नहीं पड़ा था|

Updated: March 14, 2019 — 12:45 pm

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