प्राकृतिक आपदा पर निबंध कक्षा ४ के लिए -पढ़े यहाँ Natural Disaster Essay In Hindi For Class 4

प्रस्तावना:

प्राकृतिक आपदा यह एक बड़ी समस्या है | प्राकृतिक आपदा निर्माण होने से आर्थिक हानी होती है | और मानव और पर्यावरण को बहुत ज्यादा नुकसान पहुँचता है |

प्राकृतिक आपदा यह जंगलों में आग, सुनामी, तूफान, बादल फटने से, भूकंप, बाढ़, ज्वालामुखी, भूखलन इत्यादि त्यादि कारणों से निर्माण होती थी |

वर्तमान काल में मनुष्य अपने सुख सुविधाओं के लिए प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर रहे थे | इत्यादि सके कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा था |

प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान

प्राकृतिक आपदा जब निर्माण होती है तब बहुत सारा विनाश होता है | प्राकृतिक आपदा आने से घर, ईमारत, पुल सड़क टूट जाते है | रेल और हवाई मार्ग में बाधा निर्माण हो जाती है |

पूरा पर्यावरण प्रदूषित हो जाता है | वन नष्ट हो जाती है | जिस देश में बाढ़, भूकंप, सुनामी, तूफान जैसी प्राकृतिक आपदा निर्माण होने के कारण सब कुछ नष्ट हो जाता है |

जब बाढ़ और दीप्तिमान बारिश जैसी आपदा आती है तो सभी फसलों को नष्ट कर देती है | जिससे अनाज की कमी निर्माण होने लगती है | लोगो को भूखा रहना पड़ता है |

प्राकृतिक आपदाओं के प्रकार

प्राकृतिक आपदा जलवायु और पानी से संबंधी होती है – जैसे की चक्रवात, तूफान, बदल फटना सुखा और बिजली कड़ाडना इत्यादि |

कई प्राकृतिक आपदाए भूमि संबंधी होती है – जैसे की भूकंप, बांध टूटना, मिट्टी प्रवाह इत्यादि |

प्राकृतिक प्रक्रिया

प्राकृतिक आपदा यह प्राकृतिक प्रक्रिया है | इत्यादि से कोई भी व्यक्ति नही रोक सकता है | हम सभी लोगो को ग्लोबल वार्मिंग जैसे समस्याओं को और प्राकृतिक आपदाओं को कम करना चाहिए | जब प्राकृतिक आपदा आती है तब सब कुछ तबा कर देती है |

पर्यावरण पर प्रभाव

प्राकृतिक आपदा और मानव निर्मित कारणों से पर्यावरण पर असर पड़ता है | मानव अपने स्वार्थ के लिए पर्यावरण का नाश करता है | और प्राकृतिक आपदा उत्पन्न होने से सब कुछ खत्म हो जाता है |

इत्यादि न दोनों का ज्यादा प्रभाव पर्यावरण पर होता है | मानव को इत्यादि स प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए ना उसके पास कोई उपाय रहता है ना कोई कारगर यंत्र होता है  |

निष्कर्ष:

हम सभी को प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए विकास करना चाहिए | हमें प्राकृतिक संसाधनों का नाश नही करना चाहिए | और पर्यावरण का संतुलन नही बिगड़ना चाहिए |

Updated: April 8, 2019 — 10:40 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *