मेरे सपनों का भारत पर निबंध ५०० शब्दों में – पढ़े यहाँ My Dreams Of India Essay In Hindi 500 Words

प्रस्तावना:

मै इस भारत देश का एक नागरिक हूँ | मेरे देश में विविध जाती और धर्म के लोग रहते हैं | सभी लोग एकसाथ मिलजुलकर रहते हैं | इस देश के सभी त्योहारों को हर ख़ुशी के साथ मनाते हैं |

मेरे देश में अनेकता में एकता की भावना दिखाई देती हैं | लेकिन कई लोग अपने स्वार्थ के लिए देश के लोगों को भड़काने की कोशिश करते हैं | जिसके कारण हमारे देश का वातावरण बिगड़ जा रहा हैं |

मैं अपने सपनो के भारत में ऐसी कल्पना करता हूँ की, हर एक जाती और धर्म के लोग एकसाथ रहे | उनके बीच में कोई भी भेदभाव की भावना ना रहे |

आर्थिक संपन्नता

मेरे सपनों के भारत में ऐसा होना चाहिए की, इस देश के सभी देशवासी सुख – शांति से रह सके | मेरा देश गौरवशाली भारत के समान होगा | मेरे देश को प्राचीन समय में ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था |

मेरा देश आर्थिक संपन्नता से परिपूर्ण रहे क्योंकि हम सभी का जीवन समृद्ध रहे | ताकि हमें किसी देश के सामने हाथ न फैलाना पड़े |

शिक्षा और रोजगार

मेरे सपनों के भारत में इस देश का हर एक नागरिक शिक्षित होना चाहिए और हर एक व्यक्ति को रोजगार मिलना चाहिए | शिक्षा प्रदान किये हुए व्यक्ति को देश का विकास करने के लिए कोई नहीं रोक सकता हैं |

गरीबी

मेरे देश में आर्थिक असमानता सबसे ज्यादा हैं | यहाँ पर अमीर लोग अमीर होते जा रहे हैं और गरीब लोग गरीब होते जा रहे हैं | मेरे सपनों के भारत में सभी लोगों को समान अधिकार देना चाहिए और गरीबों को धन वितरित किया जाना चाहिए |

जातिवाद में भेदभाव

आज समाज का यह सबसे बड़ा मुद्दा बना हैं | कई लोग जाती के नाम भेदभाव करते हैं | इस देश में उच्च जाती वाले लोगों को अच्छा काम दिया जाता हैं और छोटी जाती वाले लोगों को अच्छा काम नहीं दिया जाता हैं |

मेरे सपनों के भारत में सभी लोगों में जाति, धर्म और पंथ के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए |

भ्रष्टाचार

देश में भ्रष्टाचार यह तेजी से बढ़ रहा हैं | जिसकी वजह से बहुत सारे लोगों को पीड़ित होना पड रहा हैं | मेरे सपनों के भारत में मेरा देश पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार मुक्त रहे |

देश का आर्थिक और सामाजिक जीवन में भ्रष्टाचार नहीं रहना चाहिए बल्कि यह देश सुख – समृद्धि से परिपूर्ण रहना चाहिए |

मेरे सपनों के भारत में देश के हर एक नागरिक को समान माना जाना चाहिए | इस देश में महिलाओं को पुरुषों की तरह समान अधिकार देने चाहिए |

निष्कर्ष:

मेरा भारत देश अन्य विदेशों की तरह एक विकसित राष्ट्र बनेगा और अपना विशेष स्थान प्राप्त करेगा | सभी लोग मेरे देश को सम्मान के दृष्टी से देखंगे | मेरा देश यह सिर्फ आर्थिक दृष्टी से ना समृद्ध बने बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टी से भी परिपूर्ण बने |

Updated: May 17, 2019 — 4:58 am

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