मेरे बचपन पर निबंध – पढ़े यहाँ My Childhood Essay In Hindi

प्रस्तावना:

मेरे बचपन के दिन बहुत अच्छे थे | बचपन का जीवन बहुत जोशीला होता है | हर किसी को अपना बचपन कभी ना कभी याद आता है |

मै बचपन में बहुत मस्ती करता था | मेरा बचपन गाँव में ही बिता है | मेरे बचपन के वो दिन मै कभी नही भूल सकता हु | मै जब छोटा था तो सभी लोग मुझे बहुत प्यार करते थे |

बचपन की यादे

मेरे बचपन की यादे बहुत प्यारी थी | मै बचपन में खेलना, कूदना और स्कूल जाते समय मार खाना, स्कूल से घर आते ही खेलने के लिए भागना, पेड़ो पर चढके फल और फुल तोडना ऐसी हरकते करता था |

मै बचपन में बहुत सारे खेल भी खेलता था | बचपन के दिन बहुत मनोरंजक होते है | बचपन की यादो को मै कभी भूल नही सकता हु |

गाँव की पाठशाला

मेरे गाँव में एक पाठशाला थी उसमे मै पढने के लिए जाता था | मेरे को सुबह में ही पाठशाला में जाना पड़ता था |

बचपन में मेरे दोस्त और मै पाठशाला में बहुत मस्ती करते थे | हर दिन किसी ना किसी को परेशांन करते थे | मै बचपन में बहुत शरारते करता था | शाम को हम सभी खेलने के लिए जाते थे |

बारिश का मौसम

जब बारिश का मौसम शुरू होता था तब मै बारिश में नहाते थे | और बारिश के पानी में कागज की नाव बनाकर बहते हुए पानी में डालते थे |

जब बारिश होती थी तब बहुत मजा आता था | बारिश होने के कारण सभी जगह पर पानी पानी हो जाता था |

निष्कर्ष:

बचपन यही जिंदगी का सबसे बड़ा हिस्सा होता है | कोई भी इंसान अपने बचपन को कभी भूल नही सकता है | बचपन में हर किसी को चिंता नही होती है |

वो हर चिंता से दूर रहता है | जब इंसान बड़ा होने लगता है तब उसे जिम्मेदारी निभानी पड़ती है |

बचपन के दिन बहुत सुन्दर और अच्छे होते है | मुझे अभी भी ऐसा लगता है की, मुझे दुबारा बचपन के दिन मिलेंगे तो मै बहुत खुश हो जाऊंगा | मै अपने बचपन को बहुत याद करता हु |

Updated: April 9, 2019 — 10:36 am

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