महात्मा गांधी पर निबंध हिंदी में – पढें यहाँ Mahatma Gandhi Essay In Hindi

प्रस्तावना :

महात्मा गाँधी एक स्वातंत्र्य सेनानी थे उन्होंने जिंदगी भर देश के आज़ादी के संघर्ष किया है | महात्मा गाँधी एक महान व्यक्ति थे जो अहिंसा और सामाजिक एकता पर विश्वास रखते थे | भारत देश में रहने वाला हर एक व्यक्ति और बच्चे उनको बापू और राष्ट्रपिता के नाम से जानते थे | उन्हें प्यार से सब लोग बापू बुलाते थे |

महात्मा गांधीजी को भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का नेता और राष्ट्रपिता कहा जाता है | अंग्रेज भारतियों के ऊपर बहुत अत्याचार करते थे | इसलिए उन्होंने देश के सब ग्रामीण गांवों के लिए और समाज के विकास के लिए आवाज उठाई थी | उनके इस प्रेरणा की वजह से अपना भारत देश १५ अगस्त १९४७ को स्वतंत्र हुआ |

महात्मा गांधीजी का जीवनशैली

Essay On Mahatma Gandhi in Hindi

महात्मा गांधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी है | उनका जन्म २ अक्टूबर १८६९ को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था | इनके पिता का नाम करमचंद गाँधी और माता का नाम पुतलाबाई था | महात्मा गांधीजी का जीवन काफी साधारण ही था | वो कभी जातिभेद और रंगभेद को नही मानते थे |

भारतीय इतिहास में वो एक ऐसे महानपुरुष थे जिन्होंने भारतीयों के आज़ादी के सपने को सच्चाई में बदल दिया | उन्होंने अपना पूरा जीवन देश कार्य करने के अर्पण किया |

समाज सुधारक

Essay On Mahatma Gandhi in Hindi

महात्मा गाँधी एक महान समाज सुधारक भी थे | अपने भारत देश को परतंत्र से मुक्त कर के उनको आजादी दिलाने का उनके जीवन एक मुख्य उद्धेश था | उन्होंने सभी भारतीयों को यह प्रेरणा दी थी की हर भारतवासी को साधारण जीवन और स्वावलंबी होना चाहिए | वो अपने देश को स्वतंत्र देश बनाने के लिए उन्होंने अहिंसक और शक्तिशाली आन्दोलन की शुरुवात की थी |

गांधीजी विदेशी वस्तुओं के खिलाफ रहते थे और भारत देश में स्वदेशी वस्तुओं ज्यादा प्राधान्य देते थे | गांधीजी खुद चरखा चलते थे | जिसका उपयोग खेत में किया जाता है | वो अपने देश में खेती और स्वदेशी वस्तुओं का विस्तार करना चाहते थे |

अहिंसक आंदोलन

उन्होंने भारत देश आजादी के लिए बहुत सारे आंदोलनों की शुरुवात की थी | अंग्रेजो ने भारत देश के किसानों को मजबूर किया था की वो नील की खेती करके वो अच्छी किम्मत पर अंग्रेजो को बीच इसलिए गांधीजी ने इसको विरोध करने के लिए एक अहिंसक आंदोलन किया | इसमें भारतीय किसानों को उनकी मांगों को मानने के लिये मजबूर होना पड़ा |

इसलिए यह आंदोलन चंपारन्य आंदोलन से जाना जाता है | उन्होंने देश में नमक सत्याग्रह की दांडी यात्रा का नेततृत्व किया | यह दांडी यात्रा साबरमती आश्रम से शुरू हुई थी | इस नमक सत्याग्रह को दांडी यात्रा से भी जाना जाता है | उन्होंने बहुत सारे आंदोलन करके भारत देश को गुलामगिरी से मुक्तता दी | देश कार्य करते हुए प्रार्थना समाज में नाथूराम गोडसे इन्होने ३० जनवरी १९४८ को गोली मारकर गांधीजी की हत्या कर दी |

निष्कर्ष

इस देश के उन्होंने बहुत बड़ा महान कार्य किया है | उनके इस अहिंसात्मक संघर्ष को कभी भुला नही सकते है | उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत का देश कार्य करने के लिए समर्पित किया | इसलिए आज भी सारे लोग उनके इस महान कार्य के लिए उनको याद करते है |

Updated: February 23, 2019 — 12:07 pm

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