महात्मा गांधी पर निबंध कक्षा ३ के लिए – पढे यहाँ Mahatma Gandhi Essay In Hindi For Class 3

प्रस्तावना:

हमारी भारतभूमि यह महान पुरुषों की भूमि मानी जाती हैं | इस भारत भूमि पर बहुत सारे महान नेताओं ने जन्म लिया हैं | उन सभी नेताओं में से एक हैं – महात्मा गांधी | महात्मा गांधी यह एक स्वतंत्रता सेनानी थे |

महात्मा गांधी का नाम उनके महान कार्यो और महानता के लिए लिया जाता हैं | जिन्होंने जिंदगीभर अपने भारत देश को आजाद करने के बहुत संघर्ष किया |

यह एक महान पुरुष थे जिनका नाम आज भी भारतीय नागरिकों के दिलों में हैं | इस देश का हर एक बच्चा उन्हें बापू के नाम से जनता हैं | उनके अतुल्य योगदान की वजह से उन्हें राष्ट्रपिता के नाम से जाना जाता हैं |

महात्मा गांधीजी का जन्म

महात्मा गांधी का जन्म २ अक्टूबर, १८६९ को पोरबंदर में हुआ था | उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था |

उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतली बाई था | उनकी माता एक धार्मिक विचारों वाली थी |

शिक्षा और जीवन परिचय

महात्मा गांधीजी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर से पूर्ण की थी | उसके के बाद उन्हें मैट्रिक परीक्षा पास करने के लिए इंग्लैंड जाना पड़ा | वहाँ से उन्होंने वकालत की पढाई पूरी करने के बाद मुंबई में वकालत शुरू की |

उन्होंने अपना सार्वजानिक जीवन दक्षिण अफ्रीका से शुरू किया | वहाँ पर उन्होंने देखा की भारतीय लोगों के साथ बुरा व्यवहार किया जा रहा हैं | महात्मा गांधीजी ने भारतीय लोगों की सहायता की और उन्होंने ‘सत्याग्रह आंदोलन’ की शुरुवात की |

भेदभाव की भावना

महात्मा गांधी हमारे देश में की अछूत और भेदभाव की परंपरा को दूर करना चाहते थे | इनका जीवन काफी स्सधारण था | उन्होंने अपने जीवन में कभी भी रंगभेद और जातिभेद नहीं किया | अछूत की परंपरा नष्ट करने के बहुत सारे प्रयास किये |

इसलिए उन्हें ‘हरिजन’ यह नाम दिया गया | यह एक स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ – साथ अहिंसक कार्यकर्ता भी थे | वो जन्म से हिन् सत्य और अहिंसावादी नहीं थे बल्कि उन्होंने अपने आप को अहिंसावादी बनाया था |

जीवन का मुख्य उद्देश

महात्मा गांधी यह एक स्वतंत्रता सेनानी, अहिंसक कार्यकर्ता और समाज सुधारक भी थे | उनके जीवन का एक ही मुख्य उद्देश था की, भारत देश को आज़ादी दिलाने का था |

उन्होंने सभी भारतियों को भी प्रेरित किया था | उन्होंने लोगों को कहाँ था की, इंसान को साधारण जीवन जीना चाहिए बल्कि स्वावलंबी नहीं होना चाहिए |

आंदोलन की शुरुवात

महात्मा गांधीजी ने काफी अभियानों की शुरुवात की | उन्होंने सन १९२० में असहयोग आंदोलन, सन १९३० में सविनय अवज्ञा अभियान और सन १९४२ में भारत छोड़ो आंदोलन किया |

उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया | उनके द्वारा किये गए आंदोलन के द्वारा हमारे भारत देश को आज़ादी दिलाने के लिए फलप्रद प्राप्त हुआ |

निष्कर्ष:

महात्मा गांधीजी के द्वारा भारत देश के लिए किया गया अहिंसात्मक संघर्ष कभी भुला नहीं जा सकता हैं | जिन्होंने अंग्रेजों को भारत देश छोड़ने के लिए सत्याग्रह, शांति और अहिंसा का मार्ग अपनाया था |

इसकी वजह से रविंद्रनाथ टैगोर इन्होने महात्मा गांधीजी को ‘राष्ट्र का शहीद’ यह नाम दिया हैं |

Updated: May 11, 2019 — 5:47 am

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