भगवान कृष्ण पर निबंध – पढ़े यहाँ Lord Krishna Essay In Hindi

प्रस्तावना:

भगवान श्रीकृष्ण को सभी देवों में से सबसे सुंदर देव माने जाते हैं | भगवान श्रीकृष्ण यह भगवान विष्णु का अवतार थे | इनका स्वाभाव बहुत ही चंचल था | भगवान श्रीकृष्ण अपने शरीर के नील रंग की वजह से और अपनी रासलीला और नटखटपना के कारण सभी लोगों के प्रिय थे |

भगवान श्रीकृष्ण की कहानी

वासुदेव और देवकी इनकी यह आठवी संतान थे | उनके मामा का नाम कंस था | वो बहुत ही दुष्ट और क्रूर राक्षस थे | देवकी और वसुदेव इन दोनों कंस ने मथुरा में कैद करके रखा था |

जब उनको कोई संतान होती थी तो उसे मार देते थे | इनका जन्म होते ही वसुदेव ने उनको गोकुल में नंद के पास छोड़ दिया था | नंद और यशोदा मैया ने उनका पालन पोषण करके उनको बड़ा किया |

जन्माष्टमी दिवस

जन्माष्टमी के दिवस भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता हैं | भगवान श्रीकृष्ण का जन्म सावन मास कृष्ण पक्ष अष्टमी को हुआ था | यह दिवस पुरे गोकुल नगरी में बड़े धूमधाम से मनाया जाता हैं |

भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न नाम

भगवान श्रीकृष्ण के १०८ नाम हैं | इन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता हैं | जैसे की माधव, गोपाल, कान्हा, पीतांबर, श्याम इत्यादि. विभिन्न नामों से जाना जाता हैं |

श्रीकृष्ण का जीवन

भगवान कृष्ण बचपन में मक्खन के बहुत बड़े शौक़ीन थे | उनको मक्खन बहुत पसंद था | वो अपने साथियों के साथ घरों में घुसकर मक्खन चुराते थे |

इसलिए वो ‘माखन चोर’ के नाम से प्रसिद्ध हुए थे | सुदामा यह श्रीकृष्ण के बहुत अच्छे परम मित्र थे | भगवान कृष्ण ने अपने सर पर मुकुट धारण किया हैं जिसमें मोर का पंख लगा हुआ हैं | इनके बांसुरी के सूर सभी लोगों को मंत्रमुग्ध करते हैं |

श्रीकृष्ण हमेशा गोपियों को बहुत परेशान करते थे | इनकी १०८ रानियाँ थी और राधा नाम के गोपी के साथ इनका प्रेम अमर हैं | इसलिए हर एक जगह पर राधा – कृष्ण की पूजा की जाती हैं |

श्रीमद भगवद्गीता

युद्धभूमि में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को एक सन्देश दिया था वह श्रीमद भगवद्गीता के नाम से प्रसिद्ध हैं | श्रीमद भगवद्गीता का हिन्दू धर्म में सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता हैं | इस श्रीमद भगवद्गीता में श्रीकृष्ण के सभी लीलाओं का वर्णन किया हैं |

यह पुस्तक श्रीकृष्ण और उनके सारथी अर्जुन इन दोनों के जीवन चरित्र पर आधारित हैं | इस गीता में कर्म योग, भक्ति योग, राज योग और ईश्वरवाद इत्यादि. का बहुत सुंदर तरीके से वर्णन किया हैं |

निष्कर्ष:

भगवान श्रीकृष्ण सभी को बहुत प्रिय थे | इन्होंने जिस दिन इस धरती पर मानव रूप में जन्म लिया था उस दिन को जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता हैं |

श्रीकृष्ण का स्वाभाव नटखट था और सभी को बहुत पसंद लगता था | लोग इनकी पूजा भी करते हैं | यह सभी देवों में से श्रीकृष्ण को सबसे सुंदर माने जाते हैं |

Updated: April 3, 2019 — 8:49 am

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