साक्षरता पर निबंध – पढ़े यहाँ Literacy Essay In Hindi

प्रस्तावना:

आज का युग यह साक्षरता का युग माना जाता हैं | इसके तहत हर एक व्यक्ति को साक्षर होना अत्यंत जरुरी हैं | अगर हर एक व्यक्ति पढ़ा – लिखा रहेगा तो वो अपने जीवन के हर एक फैसल खुद ले सकता हैं |

साक्षरता होने पर व्यक्ति को अक्षरों का ज्ञान समझ में आता हैं | किसी भी देश की पहचान और गुणवत्ता यह उस देश की साक्षरता पर आधारित होती हैं |

साक्षरता का अर्थ –

साक्षरता का अर्थ होता हैं – लिखना / पढना या अक्षरों का ज्ञान होना | आज इस दुनिया में साक्षर होना बहुत जरुरी हैं | अगर कोई व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं होता हैं, तो उसे निरक्षरता कहते हैं |

अगर व्यक्ति अपने जीवन में ज्ञान प्राप्त करता हैं तो उसे सफलता प्राप्त होती हैं | अनपढ़ व्यक्ति ज्ञान और जानकारी से वंचित रहता हैं |

विभिन्न अभियान

आज हमारे देश में हर एक बच्चे को शिक्षित करने के लिए अन्य प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही हैं | जैसे की सर्व शिक्षा अभियान, प्रौढ़ शिक्षा अभियान, राजीव गाँधी साक्षरता अभियान इ योजनाएं चलाई जा रही हैं |

सभी बच्चों के लिए बहुत कड़े प्रयास किये जा रहे हैं | आज ग्रामीण भागों में भी यह योजनाएं चली जाती हैं | जिसकी वजह से हर एक लड़का – लकड़ी को शिक्षा प्राप्त करने के लिए पाठशाला में भेजा जाता हैं | आज हर एक गाँव की लड़कियां बड़े – बड़े शहरों में पढ़ने जाने लगी हैं |

सुविधाएँ

कई लोग शिक्षित न होकर और गरीबी के होने के कारण वो अपने बच्चों को शिक्षा नहीं दे पाते हैं | लेकिन अन्य योजनाओं के माध्यम से आज बच्चों को पढाने के लिए बहुत सारी सुविधाएँ प्राप्त करके दी हैं | बच्चों को किताबे, कापी और स्कूल का गणवेश यह सभी चीजे मुफ्त में दी जाने लगी हैं | बहुत सारी योजनाओं में मुफ्त शिक्षा भी दी जाती हैं |

साक्षरता का दर

हमारे भारत में पुरुषों के बराबर महिलाओं का दर बहुत कम हैं | लेकिन आज महिला पुषों की तरह हर एक कार्य करने लगी हैं | इसके बावजूद भी महिलाओं का साक्षरता का दर काफी कम हैं |

इसके पीछे मुख्य कारण यह हैं की, कई सारे लोग अपनी लड़कियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल जाने की अनुमति नहीं देते हैं |

बल्कि उनकी छोटी से उम्र में उनका बाल विवाह कर देते हैं | इसलिए हर एक अम्नुश्य को अपनी गलत सोच बदलनी होगी और सभी लड़कियों को शिक्षित करना चाहिए |

आंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस

सन १९६६ में विश्व संस्था यूनेस्कों के द्वारा पुरे विश्व भर में की निरक्षरता मिटने के लिए आंतरराष्ट्रीय साक्षरता योजना की शुरुवात की गयी हैं | हमारे देश में हर साल ८ सितम्बर को ‘आंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस’ के रूप में मनाया जाता हैं |

निष्कर्ष:

हम सभी लोगों को साक्षरता के विकास के लिए कदम उठाने चाहिए और हमारे देश को पूर्ण रूप से साक्षर बनाना चाहिए |

अगर मनुष्य साक्षर रहेगा तो अपने अधिकारों के लिए लढ सकता हैं | मनुष्य को मुख्य धाराओं के साथ रहने के लिए शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए और अपने जीवन को सुखमय बनाना चाहिए |

Updated: May 15, 2019 — 1:01 pm

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