जन्माष्टमी पर निबंध कक्षा ४ के लिए – पढ़े यहाँ Janmashtami Essay In Hindi For Class 4

प्रस्तावना:

जन्माष्टमी यानि श्री कृष्ण का जन्म दिवस | यह त्यौहार भारत देश में बहुत ख़ुशी से मनाया जाता हैं | इस त्यौहार को हिन्दू धर्म में सबसे ज्यादा महत्व हैं | यह त्यौहार सभी लोग श्रद्धा और आस्था के साथ मनाते हैं | जन्माष्टमी यह त्यौहार हिन्दू धर्म के लोगों के द्वारा मनाया जाने वाला एक मुख्य त्यौहार हैं |

जन्माष्टमी त्यौहार कब मनाया जाता हैं –

ऐसा माना जाता हैं की, यह भगवान विष्णु का आठवा अवतार थे | इनका यह जन्मोत्सव वृंदावन, मथुरा, द्वारका और गोकुल इत्यादि. जगह पर बड़े धूमधाम से मनाया जाता हैं |

भगवान श्रीकृष्ण के अन्य नाम

भगवान श्रीकृष्ण को गोविंदा, गोपाल, कान्हा, बालगोपाल और उनके १०८ नामों से जाना जाता हैं | इस त्यौहार को अलग अलग नामों से जाना जाता हैं – जैसे की कृष्णाष्टमी, गोकुलाष्टमी, अष्टमी रोहिणी, श्रीकृष्ण जयंती और श्री जयंती |

जन्माष्टमी की पौराणिक कथा

श्रीकृष्ण यह देवी और वासुदेव इनके ८ वे पुत्र थे | वासुदेव यह कंस के दोस्त और देवकी यह कंस की बहन थी | मथुरा नगरी का राजा कंस यह बहुत दुष्ट और अत्याचारी था | उसके अत्याचार हमेशा बढ़ते ही जा रहे थे |

यह कंस अपनी बहन को ससुराल छोड़ने के लिए जा रहा था तब तक आकशवाणी हुई की, देवकी को ८ वा पुत्र होने वाला हैं | तब तक उसने अपना रथ पीछे वापस ले लिए और दोनों को कारावास में बंद कर दिया | उसके पहले देवकी के ७ पुत्र को कंस ने मार दिया था |

जब श्रीकृष्ण का जन्म हुआ तब कारावास के दरवाजे अपने आप खुल गए और इस मौके का फायदा उठाकर वासुदेव ने नंद लाला के घर पर छोड़ दिया था | इनका पालन पोषण यशोदा मैया ने किया |

जन्माष्टमी का महत्व 

श्री कृष्ण ने इस धरती पर इसलिए जन्म लिया था की, मानव जाती को बचा सके और उनके दुखों को दूर करने के लिए जन्म लिया था |

इस दिन बहुत सारी महिलाए व्रत रखती हैं | यह व्रत जन्माष्टमी के पहले दिन से रखा जाता हैं | इस दिन श्रीकृष्ण के मंदिर को सुंदर तरीके से सजाया जाता हैं |

यह व्रत इसलिए रखा जाता हैं की, जिस स्त्री को मातृत्व नही प्राप्त हुआ हैं, वो महिलाए इस व्रत को रखते हैं | जो लोग इस व्रत को आस्था और पुरे मन से पुरे करते हैं उन्हें फल के रूप बच्चे का आशीर्वाद मिलता हैं |

देश में कैसे मनाया जाता हैं –

इस त्योहार को मुंबई में दही हांडी के नामा से जाना जाता हैं | यह त्यौहार बच्चों और जवान लोगों के द्वारा मनाया जाता हैं | बच्चों और जवान इस पर्व में जो सहभाग लेते हैं उन्हें गोविंदा कहाँ जाता हैं |

एक मटकी को लेकर उसमें छाछ और दही को मटकी में डालके उसे एक डोरी से ऊपर लटका दिया जाता हैं | और बाल गोविंदाओं के द्वारा मटकी फोड़ी जाती हैं |

निष्कर्ष:

इस त्यौहार को हिन्दू धर्म में ज्यादा महत्व दिया जाता हैं | यह त्यौहार सभी लोगों को यह संदेश देता हैं की, हमेशा सत्कर्म करना चाहिए | इस दुनिया में जितने भी पाप, अत्याचार बढ जाता हैं, तो उसे नष्ट करने के लिए कोई ना कोई शक्ति अपनानी चाहिए |

Updated: April 3, 2019 — 7:03 am

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