‘‘जय जवान, जय किसान’ पर निबंध हिंदी में – पढ़े यहाँ पर Jai Jawan Jai Kisan’ Essay In Hindi‘

प्रस्तावना

हमारा भारत देश एक कृषि प्रधान देश है | इस देश में रहने वाले सभी लोग भारतीय है | ‘जय जवान, जय किसान’ यह एक भारतीयों के विजय का नारा है | यह नारा राष्ट्रीय एकता के मूलमंत्र का है | इसका देश में बहुत महत्त्व है – एक तो सैनिक दृष्टी से और दूसरा किसानों के आर्थिक दृष्टी से है | लाल बहादुर शास्त्री ने उस समय यह नारा दिया था |

सन १९६५ में उत्तर – पच्छिम सीमा पर स्थगित राष्ट्र पाकिस्तान ने हमारे भारत देश पर हमला किया था | उस समय हमारे भारत देश के प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री थे | भारतीय रक्त के प्यासे पाकिस्तानी सैनिकों ने समजा था की, भारतीय लोगो को निगलने में वक्त लगेगा | उनके हर नस नस में देश के लिए प्रेम भावना थी | इसकी वजह से अपने देश पर आये हुए संकट पर मात करके उनके मन में देश प्रेम में उबाल आ गया है |

मातृभूमी के रक्षक

भारत देश किसानों का भी देश है | हमारे देश को एक कृषी प्रधान देश माना जाता है | भारतीय जवान और किसान इनका महत्त्व बताते समय लाल बहादुर शास्त्रीजी ने कहा की देश की सुरक्षा जवान करते है और देश का पोषण किसानों से होता है |

उनका कहना है की जवानों को किसानों की साथ हमेशा मिलनी चाहिए | इसलिए जवानों को किसानों को इस मातृभूमी के रक्षक माने जाते है |

हर भारतीय सैनिक अपने देश के लिए लढ सकते है और जान की क़ुरबानी भी दे सकते है | उनके मन में अपने देश के लिए प्यार है | वो अपने मातृभूमी के लिए अपनी पूरी जिंदगी दाव पे लगाते है | और किसानों को दिन रात बहुत मेहनत करनी पड़ती है | देश के कार्य में किसान का बहुत बड़ा हिस्सा है | इसलिए जवानों को किसान के साथ रहना चाहिए | इन दोनों को इस देश के परम पुत्र भी माने जाते है |

एकात्मता की भावना

लाल बहादुर शास्त्रीजी ने भारत देश में एकात्मता लाने के लिए यह नारा हर कोने कोने में लगाया था | भारत देश में एकात्मता की स्थापना करने के लिए उन्होंने यह नारा लगाया था | इस नारे का ज्यादा असर तो भारतीय जवानों पर हुआ है |

भारतीय सैनिकों ने अपनी जान की परवाह नही करते उन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों पर आक्रमण करके उनके गर्व को मिटटी में मिला दिया |इसमें भारतीय सैनिकों ने ही नही उनके साथ मुस्लिम सैनिकों ने भी देश की रक्षा करने के लिए पाकिस्तानियों से सामना किया | इसमें पाकिस्तान को हर मानना पड़ा |

सफलता

‘जय जवान, जय किसान’ हमारी विजय का नारा है | इसलिए लाल बहादुर शास्त्रीजी ने जवान और किसानों की विजयता और सफलता का एक साथ जयघोष किया है | उन्होंने अपनी देश की दो समस्यायों को ऊपर दृष्टी केंद्रित की है |

भारत देश सैनिकों के दृष्टी से सशक्त हो जायेगा और आर्थिक दृष्टी से वो अपनी हर आवश्यकताओं की पूर्ति में समर्थ हो जायेगा | फिर उसी के कारन अपना भारत देश एक सबल राष्ट्र बनेगा |

निष्कर्ष:

अपना भारत देश सुजलाम – सुफलाम देश है |  ‘जय जवान, जय किसान’ यह नारा लगाने से हम भारत देश के एक अच्छे सैनिक और किसान बन जाएंगे |

Updated: February 21, 2019 — 12:38 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *