भारतीय नारी पर निबंध कक्षा ४ के लिए – पढ़े यहाँ Indian Women Essay In Hindi For Class 4

प्रस्तावना:

समाज में प्राचीन समय से नारियों का विशेष स्थान रहा हैं | नारियों का समाज में आदर और सम्मान किया जाता था | सभी नारियों को देवी की तरह पूज्यनीय मानते थे |

ऐसा माना जाता हैं की, देव शक्तियां जहाँ पर निवास करती हैं, वहा पर सभी नारियों को प्रतिष्ठा और सम्मान के रूप में देखा जाता हैं |

प्राचीन समय की भारतीय नारी

पुराने समय में भारतीय नारी को विशिष्ट स्थान दिया जाता था | लेकिन देश पर हुए अनेक आक्रमणों के भारतीय नारी के जीवन की दशा में परिवर्तन होने लगे | समाज में भारतीय नारी का स्थान हीन होते जा रहा था |

नारी को उचित दर्जा नहीं दिया जाता था | इस देश में अंग्रेजी सरकार के आने के बाद भारतीय नारी की दशा ओर बिगड़ती जा रही थी | भारतीय नारी को अबला नारी की यह संज्ञा दी जाने लगी | समाज में उसे हमेशा तिरस्कार का सामना करना पड़ता था |

लोगों की गलत सोच

कई लोग ऐसा सोचते थे की, लड़का यह हमारे वंश को आगे बढ़ाने वाला होता है और लड़की यह पराये घर का धन होती हैं | इसलिए कई लोग लड़की की गर्भ में हत्या कर देते थे | समाज में लोग लड़कियों से ज्यादा अपने लड़के को सारे अधिकार देते थे | कई लोग लड़कियों का कम सम्मान करते थे |

विविध प्रथा

समाज में विविध प्रथा रूढ़ होने के कारण लड़कियों को उन सभी प्रथाओं का सामना करना पड़ता था | जैसे की दहेज़ प्रथा, बाल विवाह, सती प्रथा इत्यादि सभी समाज में रूढ़ थी | लोग लड़की के शादी पर लड़के के परिवार को दहेज़ देना पड़ता था |

लेकिन कई लोग गरीबी के कारण दहेज़ नहीं दे पाते थे | इसके कारण दहेज़ न देने पर लड़की की शादी नहीं होती थी | इसकी वजह से कई लोग लड़कियों की हनन कर देते थे |

महान नारियों का योगदान

रानी लक्ष्मीबाई, चाँद बीबी इन नारियों ने अंग्रेजी सरकार में अपने देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया हैं | इन्होंने सभी परंपराओं के साथ भारत के इतिहास में अपना नाम रौशन कर दिया हैं | इन भारतीय नारियों का स्वतंत्रता संग्राम में सबसे बड़ा योगदान हैं |

आज की भारतीय नारी

आज का यह युग परिवर्तन का युग हैं | देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद भारतीय नारी के जीवन में बदलाव होने लगा हैं | हमारे देश के संविधान के तहत पुरुशैर स्त्री इन दोनों को समान अधिकार दिए गए हैं |

समाज में नारी को उचित स्थान प्राप्त हो रहा हैं | आज नारी अपने जीवन में खुद फैसले लेनें लगी हैं | आज के युग में नारी हर एक क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चल रहीं हैं | आज वो अपने हक्क और अधिकारों के लिए खुद लढ सकती हैं |

निष्कर्ष:

आज की भारतीय नारी परिवार के साथ – साथ देश और समाज का भी नाम रौशन कर रहीं हैं | आज के युग में समाज और देश में भारतीय नारी की प्रतिष्ठा और सम्मान किया जाता हैं |

Updated: April 9, 2019 — 2:26 pm

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