मेरे सपनों का भारत पर निबंध ६०० शब्दों में – पढ़े यहाँ India of my dreams in 600 words Essay In Hindi

प्रस्तावना:

हमारा भारत देश यह विविधता वाला देश हैं | इस देश में विविध जाती और धर्म के लोग रहते हैं | सभी लोग एकसाथ और मिलजुलकर रहते हैं |

इस देश में कुछ लोग अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए लोगों को भड़काने की कोशिश करते हैं | जिसके कारण देश का विकास और शांति में बाधा निर्माण होती हैं | मैं भी इस देश का रहने वाला एक नागरिक हूँ |

भ्रष्टाचार मुक्त

देश में भ्रष्टाचार बहुत तेजी से बढ़ रहा हैं | इस देश के बहुत सारे लोग राजनेताओं से पीड़ित हुए हैं |

मेरे सपनों में ऐसी भारत की कल्पना करता हूँ की, मेरे देश पूर्ण रूप से भ्रष्टाचार मुक्त रहेगा | हमारे देश का आर्थिक और सामजिक जीवन सुख – समृद्धि से परिपूर्ण रहेगा |

शिक्षा प्रणाली

मैं ऐसे देश की कल्पना करता हूँ की, इस देश का हर एक नागरिक शिक्षित होगा और उन्हें अच्छा रोजगार प्राप्त हो सके | जब सभी लोग शिक्षित हो जाएंगे तो इस देश का विकास करने के लिए कोई भी नहीं रोकेगा |

जाती भेदभाव की भावना

मेरे देश में बहुत सारे जाती – धर्म के लोग रहते हैं | लेकिन जातिवाद यह एक सबसे बड़ा मुद्दा हैं | मेरे सपनों के भारत में सभी लोगों में धर्म और जाति भेदभाव नहीं होना चाहिए |

महिला सशक्तिकरण

आज इस देश की महिलाएं चार दीवारों से बाहर निकलकर हर एक क्षेत्र में कार्य कर रही हैं | फिर भी आज बहुत सारी महिलाएं हिंसा का शिकार बन रही हैं |

मेरे सपनों के भारत में लोगों को अपनी सोच बदलनी चाहिए | और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना चाहिए | सभी महिलाओं को समान अधिकार देना चाहिए |

रोजगार प्राप्ति

हमारे देश में रोजगार की बहुत कमी हैं | कुछ लोग शिक्षित होकर भी उन्हें अच्छी नौकरी नहीं मिल पा रही हैं | उसके कारण बेरोजगारी का स्तर बढ़ रहा हैं | मेरे सपनों के भारत में सभी लोगों को समान रोजगार प्राप्त करके देना चाहिए |

गरीबी

गरीबी के कारण कई लोग गलत मार्ग अपनाते हैं | अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए उन्हें भ्रष्टाचार जैसी समस्या को पीड़ित होना पड़ता हैं |

इस देश में गरीब लोग और गरीब हो जाते हैं और अमीर लोग अमीर हो जाते हैं | मैं सपनों के भारत में ऐसा देखता हूँ की, गरीब लोगों को समान रूप से धन वितरित किया जाये |

कृषि उद्योग

मेरा देश एक कृषिप्रधान देश हैं | मै अपने सपनों के भारत में ऐसा देखता हूँ की, कृषि और उद्योगों को नई दिशा मिल जाये | ताकि उत्पादन की गति कभी कम ना हो जाये | सभी लोगों को खाद्य पदार्थों की कमी ना पाए जाये |

निष्कर्ष:

मेरे सपनों का भारत गरीबी, भूख और डर से मुक्त रहेगा और अपना विशिष्ट स्थान प्राप्त करेगा | मेरा देश अन्य विकशित देशों की तरह एक विकसित देश बन सके | मेरे देश को सभी लोग सम्मान की दृष्टी से देखेंगे |

Updated: May 17, 2019 — 2:52 am

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