हिंदी भाषा का महत्व पर निबंध – पढ़े यहाँ Importance Of Hindi Language Essay In Hindi

प्रस्तावना:

मनुष्य अपने विचारों को भाषा के द्वारा आदान – प्रदान करता हैं | उसे अपनी बात कहने या बोलने के लिए और दूसरों की बात समझने के लिए एक भाषा का होना बहुत जरुरी हैं | हर एक देश की पहचान और संस्कृति यह उस देश की भाषा से ही पता चलता हैं |

इसलिए हर एक देश की अपनी राष्ट्रभाषा होती हैं | हमारे भारत देश में बहुत सारे राज्य हैं | लेकिन उनकी अपनी – अपनी राष्ट्रभाषा हैं | उसी तरह से हमारे देश की राष्ट्रभाषा यह हिंदी हैं |

हिंदी भाषा का इतिहास

हमारे देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी को भारत देश की राष्ट्रभाषा बनाने को कहा था | इस भाषा का उपयोग पुरे देश में किया जायेगा |

राजभाषा का दर्जा

देश को आज़ादी मिलने के बाद १४ सितम्बर, १९४९ को हिंदी भाषा को भारत की राष्ट्रभाषा घोषित कर दी | उसके बाद २६ जनवरी, १९५० को हमारे देश का संविधान बना | उस संविधान में इस भाषा को राजभाषा का दर्जा दिया गया |

हिंदी दिवस

हिंदी यह हमारी राष्ट्रभाषा होने के कारण हर साल हमारे देश में हिंदी दिवस मनाया जाता हैं | हमारे भारतीय संविधान ने १४ सितम्बर १९४९ को हिंदी को राजभाषा बनाने का फैसला किया | हिंदी हमारे देश की राजभाषा होगी |

इस फैसले को सभी स्थानों पर प्रसारित करने के लिए भारत की राष्ट्रभाषा प्रचार समिति ने हर साल हिंदी दिवस मनाने का फैसला किया | जिससे हर एक राज्य और हर एक वर्ग में इस भाषा का प्रसार और प्रचार किया जा सके |

हिंदी दिवस पर कार्यक्रम

हर साल हमारे देश में हिंदी दिवस यह पुरे धूमधाम से मनाया जाता हैं | सभी लोग इस दिवस को बहुत ख़ुशी से मनाते हैं | ज्यादातर यह दिवस स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थानों में मनाया जाता हैं | इस दिन विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं |

हिंदी भाषा की विशेषता

इस भाषा की मुख्य विशेषता यह होती हैं की, यह भाषा जैसी लिखी जाती हैं वैसी ही पढ़ी जाती हैं | हिंदी भषा को संस्कृत भाषा की बेटी कहीं जाती हैं | हिंदी भाषा का साहित्य भी विशाल हैं |

अन्य भाषाओं के शब्द इस भाषा में मिले हैं | इस भाषा को समझना बहुत आसान हैं | कोई भी व्यक्ति इस भाषा को कुछ ही समय में लिखना, पढ़ना सिख जाता हैं |

आंदोलन

इस हिंदी भाषा को हमारे देश की राष्ट्रभाषा बनाने के लिए कई बार आंदोलन किया गया हैं | दयानंद सरस्वती और महात्मा गांधीजी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में लाने के लिए बहुत आंदोलने की |

निष्कर्ष:

हिंदी यह हमारी राष्ट्रभाषा होने के साथ – साथ संपर्कभाषा और जनभाषा भी हैं | सभी लोगों को इस भाषा के महत्व को समझना चाहिए | हिंदी भाषा सभी धर्मों के लोगों को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करती हैं | लोगों को अपनी राष्ट्रभाषा का सम्मान करना चाहिए |

Updated: May 17, 2019 — 12:21 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *