मधुमक्खी पर निबंध – पढ़े यहाँ Honey Bee Essay In Hindi

प्रस्तावना:

मधुमक्खी यह कीटों की श्रेणी में आता हैं | मधुमक्खी यह बहुत मेहनती होती हैं | मधुमक्खी एक ऐसा किट होती हैं जो शहद पैदा करने के लिए बहुत दूर – दूर तक उड के जाती हैं |

आज मधुमक्खी बहुत कम दिखाई देते हैं लेकिन मधुमक्खियों का घर ज्यादा तो पेड़ों पर दिखाई देता था | यह मधुमक्खी हमेशा झुंड में रहती हुई दिखाई देती हैं | इसकी पुरे विश्व में बहुत ज्यादा प्रजाति पायी जाती हैं |

मधुमक्खियों का भोजन

मधुमक्खी का शहद ही भोजन होता हैं | यह हमेशा अन्य प्रकार के फूलों पर मंडराते हुए देखने मिलता हैं | मधुमक्खीयां फूलों पर मंडराती हैं और फूलों का मध चुस्ती हैं | वो फूलों का मध चूसकर अपना पेट भरती हैं |

फूलों का रस चूसने के बाद वो छत्ते पर आ जाती हैं | यह कम से कम आधे घंटे तक मध को चबाती रहती हैं | मधुमक्खीयों का छत्ता मॉम से बना होता हैं | इनका जीवन लगभग ४५ दिनों तक ही होता हैं |

मोम का उपयोग

मधुमक्खियों के मोम का उपयोग दवाइयां, मोमबत्ती, लोशन, लिपस्टिक, पॉलिश, पेंट के लिए किया जाता हैं | मधुमक्खी की मॉम से कम से कम ३०० पराक्र की वस्तुएं तैयार की जाती हैं |

मधुमक्खी की प्रजाति

इस देश में सभी प्रजातियों में मधुमक्खी की चार प्रजाति पायी जाती हैं | और यह चार प्रजाति की मधुमक्खीयां शहद पैदा करने के लिए बहुत सक्षम होती हैं |

लघु मधुमक्खी

इस पर्यावरण में रहने वाली सबसे छोटी प्रजाति होती हैं | यह कम से कम ३०० मीटर ऊंचाई तक आवास करती हैं | यह मधुमक्खी झाड़ियों में अपना छत्ता बनाकर रहती हैं | इस मधुमक्खी से २०० – २५० ग्राम शहद प्राप्त होता हैं |

चट्टानी मधुमक्खी

इस मधुमक्खी का आकर सबसे बड़ा होता हैं | चट्टानी मधुमक्खी पेड़ों की शाखा पर अपना छत्ता बनाती हैं |

इनके एक छत्ते से ५ किलों तक शहद प्राप्त होता हैं | यह मधुमक्खी ख़राब मौसम और जलवायु के परिरस्थितियों का सामना करने के लिए सक्षम होती हैं |

भारतीय मधुमक्खी

इन मधुमक्खीयों का मूल स्थान एशियाई होता हैं | लेकिन इनको भारतीय मधुमक्खी कहा जाता हैं | यह मधुमक्खीयां भारत देश के सबसे ज्यादा क्षेत्रों में पाला जाता हैं |

व्यापारिक स्तर पर इन मधुमक्खियों के शहद का उत्पादन किया जाता हैं | यह मधुमक्खी हर साल 12 से १५ किलो तक शहद उत्पन्न करती हैं |

पश्चिमी मधुमक्खी

इन मधुमक्खियों का विश्व में सबसे ज्यादा पालन किया जाता हैं | इनके शहद का विश्व में ज्यादा उत्पादन किया जाता था | यह मधुमक्खी हर एक वर्ष में ४० किलो शहद का उत्पादन करती हैं | भारत के उत्तरी – पश्चिमी में इसका पालन करने के लिए बहुत सफलता प्राप्त हुई हैं |

निष्कर्ष:

इन सभी मधुमक्खीयों में से रानी मधुमक्खी को सबसे श्रेष्ठ मानी जाती हैं | इस मधुमक्खी का जीवन में बहुत उपयोग होता हैं | मधुमक्खीयों का पालन करने से बहुत सारा रोजगार प्राप्त होता हैं | यह सभी मधुमक्खीयां बहुत ही मेहनती होती हैं |

Updated: May 13, 2019 — 10:56 am

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