हिंदी : राजभाषा, राष्ट्रभाषा या विश्वभाषा पर निबंध – पढ़े यहाँ Hindi Rajbhasha Essay

प्रस्तावना:

हमारा भारत देश यह विविधता वाला देश हैं | इस देश में विविध धर्म और जाती के लोग रहते हैं | हर एक देश की अपनी भाषा होती हैं | भाषा के माध्यम से लोग एक – दुसरे से अपने आचार – विचारों को प्रदान कर सकते हैं |

देश में वैसे तो अलग – अलग राज्यों में अलग – अलग भाषा बोली जाती हैं | परन्तु हिंदी यह हमारे भारत देश की राष्ट्रभाषा हैं |

राष्ट्रभाषा का अर्थ –

राष्ट्रभाषा का अर्थ होता हैं – देश की भाषा | अर्थात यह एक ऐसी भाषा होती हैं, जिसका प्रयोग देश की हर भाषा के लोग आसानी से कर सके, बोल सके और लिख सके |

हिंदी शब्द की उत्पत्ति

हिंदी यह शब्द संस्कृत के सिन्धु शब्द से लिया गया हैं | सिन्धु नदी को ही कहते हैं और उसी के आधार पर उसके आसपास की भूमि को सिन्धु कहने लगे थे |

ईरानी लोग सिन्धु नदी को हिन्दू कहने लगे | उसके बाद सिन्धु यह शब्द हिन्दू, हिंदी और फिर हिन्द हो गया | उसके बाद भारत देश में अधिक भागों में इस शब्द का विस्तार हो गया | इसी से हिंदी शब्द की उत्पत्ति हुई |

हिंदी भाषा का इतिहास

 

१४ सितम्बर, १९४९ को भारतीय संविधान सभा ने फैसला लिया की हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा होगी | इस फैसले को हर एक क्षेत्र में प्रसारित करने के लिए भारत की राष्ट्रभाषा प्रचार समिति ने सन १९५३ से हर साल १४ सितम्बर को हिंदी दिवस मनाने का फैसला किया | यह हिंदी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी गयी हैं |

हिंदी भाषा की विशेषता

हिंदी भाषा को संस्कृत की बड़ी बेटी कहाँ जाता हैं | हिंदी भाषा का मुख्य गुण यह हैं की, यह भाषा बोलने, लिखने में अत्यंत सरल हैं |

इस पुरे संसार में देश का कोई भी व्यक्ति कुछ ही समय में प्रयास करने से हिंदी भाषा को बोलना, पढना और लिखना सीख सकता हैं |

इस हिंदी भाषा की दूसरी विशेषता यह हैं की, यह भाषा लिपि के अनुसार चलती हैं | इस भाषा में जैसा ही लिखा जाता हैं वैसे ही बोला जाता हैं |

हिंदी भाषा की सबसे बड़ी विशेषता यह हैं की, संसार के लगबग सभी भाषाओँ के शब्द इसमें घुलमिल जाते हैं |

स्कूल और विद्यालय

आज हिंदी यह भाषा हर एक स्कूल और कॉलेज, विश्व विद्यालयों में पढाई जाती हैं | इस हिंदी भाषा का साहित्य सबसे विशाल हैं |

हिंदी भाषा यह हमारी राजभाषा, राष्ट्रभाषा होने के साथ – साथ जनसंपर्क भाषा भी हैं | आज भारत देश के अधिकतर विद्वानों ने भारत की एकता और अखंडता के लिए हिंदी का समर्थन किया हैं |

निष्कर्ष:

हिंदी भाषा यह सभी लोगों में एकता की भावना लाने का कार्य करती हैं | हम सभी का कर्तव्य हैं की, भारत की भाषाओँ पर बल दे और हिंदी भाषा का विकास करके सभी भाषाओँ को जोड़ने का प्रयास करे |

Updated: September 19, 2019 — 2:06 pm

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