हमारी राष्ट्रभाषा पर निबंध – पढ़े यहाँ Hindi Hamari Rashtrabhasha Hai Essay In Hindi Wikipedia

प्रस्तावना:

हर एक देश की पहचान उसके भाषा और उसके संस्कृति से होती हैं | पुरे विश्व में हर एक देश की अपनी – अपनी भाषा और संस्कृति होती हैं |

भाषा के द्वारा मनुष्य अपने आचार – विचारों को प्रदान कर सकता हैं | अपनी बात को कहने और दुसरे की बात को समझने के लिए एक भाषा का होना बहुत जरुरी हैं | भाषा यह देश की राष्ट्रभाषा होती हैं | जिसकी वजह से देश की पहचान होती हैं |

उसके साथ – साथ संस्कृति, विचारों और परम्पराओं की पहचान को बनती हैं | उसी तरह हिंदी भाषा यह भारत देश की राष्ट्रभाषा हैं |

हिंदी शब्द की उत्पत्ति

हिंदी यह शब्द संस्कृत के सिन्धु शब्द से बना हुआ हैं | इराणी लोग सिन्धु नदी के क्षेत्र में आने के कारण उसे सिन्दू न कहकर हिन्दू कहने लगे | जिसकी वजह से यहाँ के लोग हिन्द, हिन्दू और हिंदुस्तान कहलाने लगे |

हिंदी दिवस का इतिहास

१४ सितम्बर, १९४९ को भारतीय संविधान सभा ने फैसला किया की हिंदी भारत देश की राष्ट्रभाषा होगी |

इसी फैसले को प्रसारित करने के लिए भारत की राष्ट्र भाषा प्रचार समिति ने सन १९५३ से हर साल हिंदी दिवस मनाने का फैसला किया | यह भाषा देवनागरी में लिखी गयी हैं |

हिंदी भाषा की विशेषता

हिंदी को संस्कृत की सबसे बड़ी बेटी कहीं जाती हैं | यह भाषा बोलने, लिखने और पढने में अत्यंत सरल हैं |

पुरे संसार में देश का कोई भी व्यक्ति कुछ ही समय में हिंदी भाषा को पढ़ना – लिखना सीख सकता हैं | हिंदी भाषा यह विशेषता हैं की यह भाषा लिपि के अनुसार चलती हैं | इस भाषा में जैसा लिखा जाता हैं, वैसा ही बोला जाता हैं |

इस भाषा की सबसे बड़ी विशेषता यह हैं की, संसार के सभी भाषाओँ के शब्द हिंदी भाषा में घुलमिल जाते हैं |

हिंदी दिवस पर कार्यक्रम

हमारे भारत देश में हर साल १४ सितम्बर को हिंदी दिवस मनाया जाता हैं | हिंदी दिवस स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थाओं में मनाया जाता हैं |

इस दिन के अवसर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं | स्कूल और कॉलेज में भाषण, निबंध, वाद – विवाद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं |

इस दिन ऐसे लोगों को पुरस्कार प्रदान करती हैं, जिन्होंने अपना बहुमूल्य समय इस हिंदी भाषा का प्रसार और प्रचार करने के लिए लगा दिया हो |

निष्कर्ष:

हम सभी लोगों को हिंदी भाषा का सम्मान करना चाहिए | हमारे देश में विविध धर्मों के लोग रहते हैं |

लेकिन इन सभी का रहन – सहन, खान – पान और वेशभूष अलग – अलग हैं | परन्तु एक हिंदी ही हैं जो सभी धर्मों के लोगों को एकता में जोड़ती हैं |

Updated: September 19, 2019 — 1:57 pm

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