हरिथा हरम पर निबंध – पढ़े यहाँ Haritha Haram Essay In Hindi

प्रस्तावना:

पर्यावरण में पेड़ – पौधों का सबसे ज्यादा महत्व होता हैं | इसके बिना मनुष्य को अपना जीवन जीना असंभव हैं | पेड़ों से मनुष्य को शुद्ध हवा और ऑक्सीजन मिलता हैं |

पेड़ इस धरती पर वातावरण को संतुलित रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं | लेकिन मनुष्य अपना स्वार्थ पूरा करने के लिए इन पेड़ों का सर्वनाश करता हैं | पेड़ों की कटाई करने लगता हैं |

अन्य प्रदुषण के कारण पर्यावरण पर बहुत परिणाम हो रहा था और पेड़ों की कटाई करने से जंगलों या वनों का नाश हो रहा था | इस पेड़ों की कमी को पूरा करने के लिए इस योजना का प्रारंभ किया गया |

हरिथा हरम योजना की शुरुवात

तेलंगाना राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने हरिथा हरम इस योजना की शुरुवात ३ जुलाई २०१५ को किया था | इस योजना का मुख्य उद्देश यह था की, तेलंगाना को ग्रीन सिटी बनाना हैं |

पेड़ों की बहुत ज्यादा कटाई होने के कारण इसका परिणाम वातावरण पर हो रहा था और पृथ्वी का तापमान बढ़ते जा रहा था | पेड़ों की महत्वता को देखकर इस योजना की शुरुवात की गयी थी |

तेलंगाना का २४% हिस्सा पेड़ों से ढका हुआ हैं | लेकिन सरकार सबसे ज्यादा पेड़ लगाकर प्रकृति को बचाना चाहती हैं | इस योजना के द्वारा नदी के किनारे, सड़कों के आसपास, पार्क इन भागों में पेड़ – पौधे लगाये गए |

हरिथा हरम योजना

हरिथा हरम इस योजना को चार चरणों में पूरा किया गया | हरिथा हरम इस योजना दो भागों में बाटा गया था – शहरी और ग्रामीण | इस योजना के सबसे प्रथम चरणों में तेलंगाना राज्य में २३० करोड़ पेड़ ४ साल में लगाये जाएंगे | तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव इन्होंने सभी लोगों को इस योजना में सहभाग लेने के लिए कहां और सभी लोगों ने इस मुहीम में बढ़ – चढ़कर हिस्सा लिया |

पेड़ – पौधों की रक्षा करने के उपाय

हरिथा हरम इस योजना के द्वारा पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई जाएगी |

इस योजना को सफल बनाने के लिए शहर और गाँव में अन्य कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे |

इस योजना के अंतर्गत लोगों को बताया जायेगा की पेड़ हम सभी के लिए कितने उपयोगी हैं |

हरिथा हरम योजना के तहत वनों में लगने वाली आग को कैसे कम किया जायेगा और मिटटी कटाव पर रोक लगायी जाएगी |

इस योजना के तहत राष्ट्रीय सड़कों, राज्य – राजमार्ग सड़कों और गांवो की सड़कों पर अत्याधिक पेड़ लगाये जाएंगे |

इन पेड़ों में रजत, ओक, कनुगा, नीम, रवि, मैरी, गुलमोहर इस प्रकार के पेड़ लगाये जाएंगे | जो कई सालों तक बने रहेंगे |

हरिथा हरम योजना के माध्यम से बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया जायेगा | उसके साथ – साथ गांवो में भी बगीचा बनाये जाएंगे |

निष्कर्ष:

इस योजना को सफलता पूर्वक बनाने के लिए सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए | यह हम सभी के लिए ही बहुत आवश्यक हैं | इस योजना के तहत सभी जीवों को उचित पर्यावरण मिलने और वातावरण को संतुलित रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं |

Updated: May 18, 2019 — 11:04 am

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *