गंगा पर निबंध – पढ़े यहाँ Ganga Essay In Hindi

प्रस्तावना :

गंगा एक पवित्र नदी है, यह हिमालय से निकलती है और बंगाल की घाटी में विसर्जित होती है | गंगा नदी भारत की सबसे महत्वपूर्ण नदी है | प्राचीन काल से ही गंगा नदी हिंदुओं की सबसे पवित्र नदी मानी जाती है | गंगा नदी का महत्व विश्व की सभी नदियों में सबसे अधिक है |

गंगा नदी के किनारे पर बहुत से धार्मिक स्थान है | यह भारत और बांग्लादेश में कुल मिलाकर २,५२५ किलोमीटर की दुरी तय करती हुई उत्तराखंड में हिमालय से बंगाल की खाड़ी के सुंदरवन तक विशाल भू-भाग को सींचती है |

गंगा भारत की सर्वाधिक महिमामयी नदी है | गंगा नदी आकाश, धरती, पाताल तीनों लोकों में प्रवाहित होती है | गंगा नदी के एक नाम हैं – स्वर्ग गंगा, त्रिपथगा, पाताल गंगा, हेमवती, भागीरथी, जाहन्वी, मंदाकिनी, अलकनंदा आदि जैसे अनेक नामों  से पुकारा जाता है |

गंगा नदी लंबाई में एशिया की नदियों में इसका १५वाँ स्थान है | यह हिमालय से निकलकर यह ऋषिकेश आती है वहां से हरिद्वार के मैदान में आ जाती है | गंगा निरंतर प्रवाहमयी नदी है यह पापियों का उद्धार करने वाली नदी है |

भारत की धार्मिक अवधारणाओं में गंगा नदी को देवी के रुप में निरुपित किया गया है | इसके किनारे बहुत से तीर्थस्थल हैं | जिसमें वाराणसी, हरिद्वार और प्रयागराज सबसे प्रमुख हैं | भारतीय धर्मगंथों में गंगा नदी को पवित्र नदी माना गया है | गंगा सिर्फ नदी यह एक संस्कृति है | गंगा हमारी विरासत है, यह ना जानें कितने पापियों का उद्धार कर चुकी हैं |

गंगा नदी का उद्गम :

गंगा का उद्गम स्थल हिमालय की गंगोत्री हिमनद है | गंगा यहाँ से निकलकर पहाड़ों से पतली और संकरी रास्तों से होते हुए मैदानी भागों में पहुंचकर फैल जाती है |

गंगा नदी पांच नदियों से मिलकर बनी है | इसलिए गंगा नदी को पंच प्रयाग भी कहा जाता है | पंच प्रयाग में विष्णु प्रयाग, नंद प्रयाग, कर्ण प्रयाग, रुद्र प्रयाग तथा देव प्रयाग |

गंगा नदी को लोग गंगा माता के नाम से पुकारते हैं | गंगा नदी हिमालय के उत्तरी भाग गंगोत्री से निकलकर नारायण पर्वत ऋषिकेश,  हरिद्वार, कानपुर,  प्रयाग,  विंध्याचल,  वाराणसी,  पाटिलीपुत्र, भागलपुर और बंगाल को सिंचित करती हुई गंगा सागर में समाहित हो जाती है |

गंगा नदी के तट पर अनेक तीर्थ स्थल तीर्थ हैं – काशी , बनारस, हरिद्वार आदि प्रमुख हैं | गंगा नदी में स्नान करने से पाप धूल जाते हैं | गंगा जल डिब्बे या बोतल भर कर में रख दिया जाए तो वह सालों तक खराब नहीं होता है |

ऐसा माना जाता है की घरों में गंगा जल का छिड़काव करने से घर शुध्द हो जाता है | गंगा जल को पंचामृत बनाकर पिया जाता है | गंगा नदी हिन्दू धर्म में पूज्यनीय है |

हमारे महान साहत्यों महाभारत और रामायण में गंगा नदी को एक पवित्र महानदी, मोक्षदायिनी,  पापानाशिणी और पुण्यदायिनी कहा गया है | गंगा में उत्तर की ओर से आकर मिलने वाली प्रमुख सहयक नदियां – यमुना, रामगंगा, करनाली, ताप्ती, गंडक, कोसी और काक्षी है |

यदि आपके पास गंगा पर निबंध से संबंधित कोई अन्य प्रश्न हैं, तो आप नीचे टिप्पणी करके अपनी क्वेरी पूछ सकते हैं।

Updated: March 6, 2020 — 10:33 am

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