स्वतंत्रता आंदोलन पर निबंध – पढ़े यहाँ Freedom Movement Essay In Hindi

प्रस्तावना:

प्राचीन समय में भारतीय लोगों पर बहुत सारे अत्याचार किये जाते थे | उनको अपना जीवन गुलामी की तरह जीना पड़ता था | उन सभी लोगों और अपने को आजाद करने के लिए बहुत सारे महान नेताओं अपना योगदान दिया हैं |

हमारे भारत देश को स्वतंत्र करने के लिए भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों का त्याग किया हैं | इस देश को अंग्रेज सरकार से मुक्त करने के लिए उनके खिलाफ दो प्रकार का आंदोलन किया था – एक अहिंसक और दूसरा सशस्त्र आंदोलन |

अहिंसक आंदोलन

अहिंसक आंदोलन में किसी भी शस्त्र का उपयोग नहीं किया गया | बहुत सारे नेताओं ने इस देश को पारतंत्र्य से मुक्त करने के लिए अन्य मार्गों का अवलंब किया | किसी ने हिंसा का मार्ग अपनाया तो किसी ने अहिंसक मार्ग से संघर्ष किया |

अहिंसक आंदोलन में बिना शस्त्र बहुत प्रयास किये गए | जिसकी वजह से अंग्रेजों को हार मानकर भारतियों के आगे झुकना पड़ा |

सशस्त्र आंदोलन

इस आंदोलन में अंग्रेजों को भारत से दूर रखने के लिए बहुत सहायता मिली | इस आंदोलन का समय सन १८५७ से १९४२ तक था | स्वतंत्र आंदोलन में बहुत सारे क्रांतिकारियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं |

इस आंदोलन में भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जिन्होंने बहुत संघर्ष किया | स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांति करने वाले लोगों को आम जनता ने सपोर्ट नहीं किया था |

जब जनता पर अंग्रेज सरकारने गुलाम की तरह उनके ऊपर अत्याचार करना शुरू किया | तब धीरे – धीरे पूरी जनता भी अंग्रेजों के खिलाफ खड़ी हो गयी | उन्होंने कदम – कदम पर स्वतंत्रता सेनानियों का साथ दिया |

स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

महात्मा गांधी

महात्मा गाँधी इनका जन्म २ अक्टूबर १८६९ को गुजरात में पोरबंदर में हुआ था | उन्होंने देश को आजाद करने के लिए अहिसा का मार्ग अपनाया था |

महात्मा गांधी ने सत्याग्रह, शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए अंग्रेज सरकार को भारत देश छोड़ने के लिए मजबूर किया |

भगत सिंग

भगत सिंह यह हिंदुस्तान सोशलिस्ट के मुख्य स्वतंत्रता सेनानी थे | इनका जन्म २८ सितम्बर १९०७ को पंजाब के बावली गाँव में हुआ था | देश को आजाद करने में इनका महत्वपूर्ण योगदान हैं | उन्होंने अपना पूरा जीवन देश के समर्पित किया |

नेताजी सुभाषचंद्र बोस

नेताजी सुभाषचंद्र बोस उन्होंने आज़ाद हिन्द सेना की स्थापना की थी | वो भारतीय राष्ट्रीय कोंग्रेस के अध्यक्ष भी थे | उनका जन्म २३ जनवरी १८९७ को हुआ था |

उनके मन को अंग्रजों के कटुता से घेर लिया था | उन्होंने देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए आत्मसंकल्प किया और देश कार्य करने के लिए राह पर चल पड़े |

चंद्रशेखर आजाद

उन्होंने अपनी १४ वर्ष की उम्र में संस्कृत पाठशाला में पढाई की | चंद्रशेखर आजाद ने कायदे भाग आंदोलन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया |

इनका जन्म २३ जुलाई १९०६ को (म. प्रदेश) के झाबुआ जिले के भाबरा नामक स्थान पर हुआ | उसके बाद सन १९२० – १९२१ में गांधीजी के असहयोग आंदोलन से जुड़े |

निष्कर्ष:

बहुत सारे महान नेताओं ने आंदोलन शुरू कर दिया और कई जगह पर विद्रोह शुरू हुआ | भारतीय लोगों के मन में ज्वाला भड़क गयी और देश को आज़ादी दिलाने के संघर्ष के लिए तैयार हो गए | स्वतंत्रता आंदोलन में अंत में सफलता प्राप्त हुई और हमारा देश स्वतंत्र हो गया |

Updated: May 15, 2019 — 5:42 am

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