शिशिर ऋतू पर निबंध – पढ़े यहाँ Essay On Shishir Ritu In Hindi

प्रस्तावना:

शिशिर ऋतू यांनी थंडीका महिना जो अब शुरू होता हे, दीसंबर से काडके कि ठंडी पडणा शुरू होती हे. शिशिर ऋतू मी पत्तो के झडणे का मौसम होता हे.

शिशिर ऋतू मे अपना खयाल कैसे राखे.

इस ऋतू मी काडके कि ठंडी होती हे, लोग स्वेटर्स मफलर पेहंकर घर से बहार निकलते हे. दिल्ली, आसाम, बिहार इन जागाह पार ठंडी का मौसम जैसे केहेर बरसात होता हे. हमारे शरीर को उसके तापमान मी रखना जरुरी होता हे, क्युंकी हम अगर ये न कारे तो बिमार हो सकते हे, हमे सेहत का खयाल रखना जरुरी हे.

बहार कि चीजे जड न खाये , तेल, घी जैसी चीजे खाणे मी इस्तमाल करे. अपनी त्वचा का खयाल राखे. ये तो हुई सब खुदका खयाल राखणे कि बाते. अब लेंगे शिशिर ऋतू का आनन्द.

शिशिर ऋतू

मुझे क्या सबको पसंद हे ठंडी का मौसम. ठंडी के मौसम गरम गरम चाय के साथ गरम गरम भाजीया घरावालोन्के साथ बैठ के खाणे मिले और उसके साथ सब परिवार आग के सामने बैठ कर गप्पे लढते बैठे हे तो बोहोत मजा आता हे.

ठंडी के मौसम मे पेहला त्योहार आता हे मकरसंक्रांती, जिसे अलग अलग संस्कृती मे अलग नाम हे, मराठी मे मकरसंक्रांती, गुजराती मी उत्तरायण, पंजाब मी लोहरी केहते हे. हर धर्म का अलग अलग तरीका होता हे ये त्योहार मानाने का.

हमारे हिंदू धर्म के हर त्योहर के पीछे कोई न कोई धार्मिकता छुपी हुई हे. मकर संक्रांति के दिन घर मी तील के लड्डू, चिक्की ऐसे गरम चीजो वाले पदार्थ बनते हे. इसके पिछे भी एक कारण हे कि, ठंडी के मौसम मी हमारे शरीर का तापमान काम हो जाता हे और की बिमारी का सामना हमे करणा पद सकता हे तो उससे बचने के लिये हमे ठंडी के मौसम मी गरम पदार्थ खान जरुरी हे.

अपनी सेहत खायला कैसे राखे.

इसका कारण ऐसे भी हे कि हमारे शरीर का तापमान या गर्मी शरीर के बहार नि आ पती न पसीना आता हे, हमारे शरीर को तापमान कि भी उताणी हि जरुरत हे, इसलिये थंडीयोमे हमे गरम वूलेन के कपडे पेहानने पडते हे, कि हमारे शरीर का तापमान बना रहे.

इसलिये ठंडी के मौसम मे घरो मी तील के लड्डू, मेथी के लड्डू बनाये जाते हे जो हमारे शरीर को अंदर से गर्मी देकार तापमान को सही रखे. और भी बहोत खाद्य पदार्थ हे जैसे कि गुड छान, आवळा, शाकरकंद, नाचणी कि रोटी, ये सब शरीर को गर्मी देते वाले हे.

हिंदू धरम मी शिशिर ऋतू मी आणे वाले त्योहार जैसे मकरसंक्रांती बडे धूम से मानते हे. घर मे तो गरम गरम पकवान तो बनते हि हे लेकीन छतो पार पतंगे भी उडाई जाती हे. बोहोत मजा आता हे जब हम किसी कि पतंग काट देते हे. आप देखोंगे के दुकानो मी रास्ते पर बडी छोटी हर रंग कि हर आकार कि पतंगे आपको दिखेंगी. ये पतझड का मौसम हे सुखे पत्ते गिर कर नये पत्ते पेडो पार उगते. हे. औषधी युक्त वनस्पती के उगम के ये दिन हे.

प्राकृतिक का आदर

हमे जैसे हर ऋतू पसंद हे वैसे हि सबको शिशिर ऋतू भी सबको पसंद हे. हमेशा हर ऋतू को उसके हिसाब से अपनाना चाछिये.

Updated: March 16, 2020 — 12:44 pm

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