गेट वे ऑफ इंडिया – पढ़े यहाँ Essay On Gateway Of India In Hindi

प्रस्तावना :

गेट वे ऑफ इंडिया भारत का ऐतिहसिक स्मारक है | मुंबई के कोलाबा में ताज होटल के ठीक सामने स्थित एक द्वार है | यह स्मारक साउथ मुंबई के अपोलो बंदर क्षेत्र में अरब सागर के बंदरगाह पर स्थित द्वार है जिस द्वार की ऊंचाई ८५ फीट है |

गेट वे ऑफ इंडिया वास्तुशिल्प का चमत्कार है | इसकी ऊंचाई लगभग आठ मंजिल के बराबर है | वास्तुकला के हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों को ध्यान में रखते हुए इस स्मारक का निर्माण सन १९११ में राजा की यात्रा के स्मरण निमित्त किया गया |

गेट वे ऑफ इंडिया की रूपरेखा जार्ज विटेट ने तैयार की थी | इसका प्रवेश द्वारा असिताश्म का बना हुआ स्थापत्य है, जिसकी ऊंचाई २६ मीटर है |

गेट वे ऑफ इंडिया घूमने का बहुत ही अच्छा पर्यटक स्थल है,  यहाँ अक्सर लोग घूमने आते हैं | गेट वे ऑफ इंडिया का निर्माण २०वीं सदी में हुआ था |

गेट वे ऑफ इंडिया का निर्माण राजा जार्ज पंचम और रानी मैरी की भारत यात्रा करने के पश्चात किया गया था | इस प्रवेशद्वार के पास ही पर्यटकों के समुद्र भर्मण के लिए नाव की सेवा भी उपलब्ध है |

गेट वे ऑफ इंडिया की आधारशिला ३१ मार्च १९११ को रखी गई थी | इस द्वार का कार्य १९२४ में पूरा किया गया था | गेट वे ऑफ इंडिया को बाद में भारत में प्रतीकात्मक प्रवेश द्वार के रुप में इस्तेमाल किया जाता है |

गेट वे ऑफ इंडिया के इस स्मारक का डिज़ाइन हिंदू और मुस्लिम स्थापत्य शैली का संयोजन है | यह द्वार पिले बेसाल्ट और कंक्रीट से बनाया गया है | इसके केनद्रीय गुंबद का व्यास ४८ फीट (१५ मीटर) और इसका उच्चतम बिंदु जमीन से ८३ फीट (२५ मीटर) ऊँचा है |

गेट वे ऑफ इंडिया मुंबई का प्रमुख पर्यटन स्थल है | हर दूसरे मिनट में इस स्मारक को छूती समुद्री लहरों को देखना एक अद्भुत अनुभव देता है | शाम का नजारा कमाल का होता है | यहाँ कबूतर मुख्य आकर्षण का केंद्र है |

“संगीत और नृत्य का एलिफेंटा फेस्टिवल ” जो पहले एलिफेंटा गुफाओं में मनाया जाता था | स्थान की कमी के कारण २०१२ में महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम ने इसे गेट वे ऑफ इंडिया पर स्थानांतरित कर दिया |

गेट वे ऑफ इंडिया स्मारक के पास २६ नवंबर २००८ को एक आतंकवादी हमला पुराने ताज महल होटल हुआ | आतंकवादियों ने मुंबई के चार जगहों को अपना निशाना बनाया था |

यह स्मारक देश के प्रमुख बंदरगाहों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रुप में कार्य करता है | गेट वे ऑफ इंडिया यह एक पर्यटन स्थल होने के कारण यहाँ हमेशा भीड़ जमा रहती है | यहाँ फोटोग्राफर, विक्रेताओं को व्यवसाय प्रदान करती है |

सन १९१५ और १९१९ के बिच अपोलो (पोर्ट) पर काम शुरू किया गया | जहाँ गेट वे ऑफ इंडिया और नये समुद्री दिवार का निर्माण किया गया | इसके नींव का काम १९२० में पूरा हुआ और निर्माण १९२४ में समाप्त हो गया | ४ दिसंबर १९२४ को वायसराय द्वारा खोला गया |

यदि आपके पास गेट वे ऑफ इंडिया से संबंधित कोई अन्य प्रश्न हैं, तो आप नीचे टिप्पणी करके अपनी क्वेरी पूछ सकते हैं।

Updated: March 4, 2020 — 10:35 am

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