एड्स पर निबंध – पढ़े यहाँ Essay On Aids In Hindi

प्रस्तावना:

एड्स यह सभी बिमारियों में से सबसे जानलेवी बीमारी हैं | जो धीरे – धीरे पुरे विश्व को अपनी पकड़ में ले रही हैं | इस बीमारी से बचना बहुत कठिन होता हैं |

इस बीमारी पर उपचार के लिए वैज्ञानिक बहुत सारी मेहनत कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली हैं |

एड्स की परिभाषा

एड्स यह एक ऐसी बीमारी हैं जो जिसकी सर्वप्रथम पहचान संयुक्त राष्ट्र संघटना अमेरिका में सन १९८१ में की गयी थी | इसका पूरा नाम हैं – ‘एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिसिएन्सी सिंड्रोम’ | एड्स यह बीमारी ‘ह्यूमन इम्यूनो डेफिसिएन्सी’ नामक विषाणु के कारण फैलता हैं |

इस बीमारी की वजह से पूरा शरीर कमजोर हो जाता हैं और मनुष्य के लिए बहुत भयानक परिस्थिति निर्माण हो जाती हैं |

एड्स दिवस

पुरे विश्व में हर साल १ दिसंबर को एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता हैं | यह दिन सबही लोगों में एड्स के बारे में जागरूकता फेलाने के लिए मनाया जाता हैं | एड्स दिवस सरकारी संगठन, नागरिक समाज और अन्य स्वास्थ्य अधिकारी भी मनाते हैं |

एड्स दिवस पर कार्यक्रम और उत्सव

पुरे विश्व में एड्स दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता हैं | इस दिन लोगों में जागरूकता फ़ैलाने के लिए कई कार्यक्रम रखे जाते हैं |

इस दिन के अवसर पर अस्पताल, सामाजिक सेवा एजंसियां, स्कूल और एड्स वकालत समूहों में जागरूकता अभियान शुरू करते हैं |

इस दिन कई जगहों पर लोग स्पीकर और प्रदर्शनी के द्वारा रेलिया निकाली जाती हैं | उसके साथ – साथ बैनर और पोस्टर भी लगाए जाते हैं और एड्स के विषय जागरूकता प्रदान की जाती हैं |

एड्स दिवस के अवसर पर स्कूल, कॉलेज और कंपनियों में लोग लाल क्रॉस रिबन को अपनी शर्ट के ऊपर लगाते हैं |

एड्स दिवस मनाने का उद्देश

एड्स दिवस की शुरुआत स्वास्थ्य के क्षेत्र को मजबूत बनाना और लोगों को इसके बारे जानकारी प्रदान करना हैं | इसके बचने का एक ही उपाय हैं – एड्स विषय में जागरूकता |

दवाओं का दुरूपयोग

एक बार इस्तेमाल की गयी दवा वापस नही लेनी चाहिए | यदि हम दवा लेते हैं तो उसे सुनिश्चित करे की आपके द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सुइयों को किटाणु रहित कर दिया गया हैं | उसके साथ – साथ उन्हें किसी और के साथ साझा तो नहीं किया गया हैं |

निष्कर्ष:

इस बिमारी के लिए कोई भी इलाज नही है | इसलिए इससे बचने के लिए हमें एड्स के बिमारी के निवारण पर ध्यान देना चाहिए | इस बिमारी को फैलने से रोकने के लिए अभी उपचार उपलब्ध हुए है |

Updated: June 17, 2019 — 11:19 am

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