दशहरा पर निबंध हिंदी में – पढ़े यहाँ Dussehra Essay In Hindi

प्रस्तावना:

दशहरा एक हिन्दूओं का प्रमुख त्यौहार है। दशहरा त्यौहार पूरी भारत में हर साल पूरी धूमधाम से मनाया जाता है। दशहरा को (विजयादशमी) भी कहा जाता है।यह एक महत्तव पूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार अश्विन महीने के शुक्ल पक्ष (अक्टूबर ) में मनाया जाता है। यह एक धार्मिक और पारंपरिक उत्सव है।

लोग उसे पूरी रीती रिवाज से मनाते है। दशहरा के दिन कुछ लोग व्रत रखते है और देवी की पूजा भी करते है। स्कूल में बच्चो को दशहरा के बारे में पढ़ाया जाता है। उनका ज्ञान और कुशलता बढ़ाने के लिए उनको दशहरा के बारे में निबंध लेखन किया जाता है।

दशहरा शब्द की उत्पत्ति

दशहरा शब्द दश +अहन से बना है। कही लोगो ने दशहरा शब्द की कल्पनाए की है। उनका कहना है की दशहरा एक कृषि का त्योहार है। भारत एक कृषि प्रदान देश है। दशहरा भक्ति और समर्पण का त्यौहार है।

दशहरा १० दिन का त्यौहार रहा है। इस त्यौहार में नौ दिन देवी की पूजा की जाती है और दसवे (दशहरा)दिन असुर राजा रावण पर भगवान राम की जीत दिखाई जाती है |

दशहरा यह दिन भगवान राम के सच्चाई का दिन और असुर राजा रावण के बुराई का शक्ति का दिन है। ये दस दिन त्यौहार एक मेले के रूप में मनाया जाता है। दशहरा यह दिन भगवान राम के सच्चाई का दिन और असुर राजा रावण के बुराई का शक्ति का दिन है।

ये दस दिन त्यौहार एक मेले के रूप में मनाया जाता है। ये एक महत्व पूर्ण त्यौहार है। इस तरह दशहरा हर साल आता है और लोगो को भक्ति भाव भर जाता है।

दशहरा का महत्व

माँ दुर्गा देवी एक अधिष्ठात्री देवी है। माँ दुर्गा देवी को आदिशाक्ति के रूप में भी देखा जाता है। लोग देवी की तन मन से पूजा करते है। जीवन में शक्ति पाने के लिए लोग देवी की याचना करते है।

उसे उनका मन प्रसन्नित हो जाता है। दशहरा का महत्व जीवन में बहुत जरुरी है। उस दिन से लोगो के अंदर से बुराई ख़तम होकर नयी जिंदगी की शुरुवात होती है।

देवी को कही नाम से जाना जाता है। आदिशक्ति ,महिषासुरमर्दिनी,दुर्गा कही नामो से जाना जाता है। कही लोग गांव या प्रांतो में देवी माँ दुर्गा की मूर्ति की स्थापना करते है। प.बंगाल,बिहार, झारखण्ड यादि प्रांतो में भी देवी की प्रतिमा स्थापित करते है।

राम और रावण युद्ध

प्राचीन काल में भगवान राम को उनके अयोद्धा नगरी से १४ साल के लिए वनवास पर भेज दिया था। रावण ने भगवान श्री राम की पत्नी सीता का अपहरण कर के उनको लंका में लेके गया था । भगवान श्री राम के भाई लक्ष्मण ने सीता को बचने के हेतु शुर्पनखा का कान – नाक काट दिया था। उसी का बदला लेने के लिए रावण ने सीता का अपहरण और छल किया था। राम ने रावण को मारने के लिए चंडिका देवी की पूजा की थी।

रावण एक अहंकारी राजा था । भगवान श्री राम और रावण की बिच में युद्ध हुआ था। दशहरा के दिन भगवान राम ने अहंकारी रावण का (विजयादशमी ) के दिन उसका वध किया था। उसमे बहुत लोग मारे गए थे। दशहरा के दिन राम ने रावण को मारा था।जिस दिन राम ने रावण को मारा उसी दिन से दशहरा का उत्सव मनाया जाता है।

निष्कर्ष:

यह ऐसा त्यौहार है की जिसमे लोगो के मन में बुरे विचार निकल जाते है और बुरे पर अच्छाई की जीत होती है | जैसे भगवान राम ने रावन के बुराई के अंत पर विजय प्राप्त की थी |

Updated: February 21, 2019 — 12:57 pm

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