बत्तख पर निबंध हिंदी में – पढें यहाँ Duck Essay In Hindi

प्रस्तावना :

भारत में कुल १२६६ प्रकार की पक्षीयां पाई जाती हैं| जिसमे एक जलीय पक्षी जीव बत्तख है, जो की जल तथा जमीन दोनों पर रहना पसंद करते है|

जबकि जल में उन्हें अधिक आनंद मिलाता हैं| इस पक्षी की संख्या वही पर अधिक पाई जाती है जहा पर नदी, तालाब, झील, झरने आदि जैसे जलीय स्थान होते हैं|

बत्तख की रचना

बत्तख एक बहुत ही सुन्दर पक्षी है, यह भिन्न-भिन्न रंगों में पाया जाता है| इसके पंख बहुत ही छोटे होते हैं, और गर्दन बगुले/हंस से छोटी होती है|

इनके अधिक संख्या होने पर इनके झुण्ड में से क्क्वेक क्क्वेक की ध्वनि आती है, जिसे सुनने में बहुत ही आनंद आता है बत्तख के पैर के पंजे जालीदार तथा भरे हुए होते है|

जिसके कारण इन्हें तैरने में आसानी होती हैं और वे पानी में एक जगह पर बैठ कर अपने पंजे की सहायता से तैरते है| इसकी चोंच हलके गुलाबी रंग की चपटी तथा फैली हुई होती हैं|

बत्तख के प्रजाति का चयन 

जो की अधिक संख्या में हो तो इसका दृश्य अत्यंत सुन्दर होता हैं| शोध में पाया गया है, की एक बत्तख की आयु लगभग २-१० वर्ष तक की होती है, बत्तख की प्रजातियाँ प्रयेक वर्ष में लगभग २५०-३०० अंडे देती हैं| बत्तख बच्चे माह के २८ वे दिन अंडे से बहार निकल आते है|

देखने में बत्तख हंस जैसे सुन्दर होती है| किन्तु यह एक शाकाहारी तथा मांसाहारी पक्षी है | जो की जल में पाए जानेवाले जलीय जीव तथा पौधे जैसे काई  झींगा, मछली, कीड़े आदि का भोजन करते हैं| बत्तख की कुल लगभग ४० प्रजातियाँ पाई जाती हैं|

इस पक्षी से हमें खाने के लिए मांस और अंडे प्राप्त होते हैं| इस पक्षी के अन्डो का भार लगभग ६५से ७० ग्राम तक के होते है

बत्तख पक्षी से होने वाले लाभ 

आज भारत जैसे देश में प्रत्येक संभव प्रकार का व्यवसाय किया जा रहा हैं| जिसमे से बत्तख पालन भी एक संभव और लाभ कारी व्यवसाय है| जहाँ तक वज्ञानिको के शोध में पाया गया है की, इसके अंडे और मांस में रोग प्रतिरोधकता क्षमता अधिक होती है, अतः इसकी मास मुर्गियों की अपेक्षा अधिक है|

मुर्गीपालन से उत्तम बत्तखपालन कम नुक्सान वाला व्यवसाय होता है| कारण यह है की, बत्तख पक्षी की मांस और उससे निर्मित उसके अंडे पुर्णतः रूप से प्रोटीन युक्त होते हैं| अर्थात बत्तखो की आयु में मुर्गियों की अपेक्षा मृत्यु दर में बहुत कमी पाई गयी हैं|

निष्कर्ष :

निष्कर्ष में यही सामने आता है की, भारत देश में पाए जाने वाले प्रत्येक पशु-पक्षियों का अपने आप में एक बहुत ही भव्य रहस्य छुपा होता हैं| की सम्पूर्ण मानव जाती के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध हुआ है|

जैसे बत्तक के मांस तथा अंडे में पाई जाने वाली रोग प्रतिरोधकता की क्षमता में अधिकता पाई जाती हैं| उससे कई बीमारियों का निवारण होता है| जैसे की, (T.B टी. बी ) ,(Cancer कर्क रोग) हिद्दय रोग इत्यादि |

अतः हमें किसी भी पशुओं तथा पक्षियों में कभी भी भेद भाव बिना किये उने से भी स्नेह करना चाहिये|

Updated: February 23, 2019 — 6:02 am

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