दिपावली ( दिवाली ) प्रदुषण पर निबंध हिंदी में – पढ़े यहाँ Diwali Pollution Essay In hindi

प्रस्तावना:

भारत त्योहारों का देश है | इस देश में अलग – अलग जाती और धर्म के अनुसार भिन्न – भिन्न त्यौहार मनाये जाते है | सभी त्यौहार में से दिपावली यह त्यौहार सबसे प्यारा त्यौहार है |

दिवाली को इस त्यौहार को अनेक नामो से पुकारा जाता है | दिवाली को दिपावली भी कहते है | दिपावली यह त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है |

दिपावली त्यौहार का महत्त्व

दिपावली का त्यौहार पुरे भारत देश में पुरे उत्साह से मनाने वाला एक त्यौहार है | दिपावली यह त्यौहार हिन्दू धर्म का एक मुख्य त्यौहार है | यह त्यौहार हर साल देश में बड़े धूमधाम और उत्साह से मनाया जाता है | दिपावली दीपों का त्यौहार माना जाता है | दिपावली के दिन ज्योति के महासागर में पूरा देश असंख्य दीपों से झगमगता हुआ दिखता है | सारे लोग अपनी खुशियों का इजहार पटाखे से करते है | 

दिपावली के दिन अच्छे अच्छे कपडे पहेनने की भी एक परंपरा है |  यह त्यौहार हमारे जीवन में प्रकाश फ़ैलाने वाला अक त्यौहार है | इस त्यौहार की प्रमुख विशेषता है की जिस सप्ताह में ये त्यौहार आता है उसमे पांच त्यौहार होते है |

दिपावली के प्रमुख त्यौहार

दिपावली के पहिले धनतेरस यह पर्व आता है |

धनतेरस के दिन कोई ना कोई नया बर्तन खरीदना जरुरी है | धनतेरस के दिन नया बर्तन खरीदना शुभ मन जाता है |

धनतेरस के बाद छोटी दिपावली आती है, फिर आती है दिपावली | इसके अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है |

तथा अंत में भाऊदुज का त्यौहार आता है | इस दिन भाई – बहन के रिश्ते का बहुत बड़ा महत्त्व रहता है |

पटाखों के परिणाम

यह त्यौहार ऐसे पूरी खुशियों से मनाया जाता है | इस त्यौहार में बच्चों को बहुत ख़ुशी होती है | दिपावली में सभी लोग दीपों के साथ पटाखे भी जलाते है | उसकी वजह से बहुत प्रदुषण हो जाता है | पटाखे जलाने से बहुत धुआ निकलता है और उसके कारण प्रदुषण होता है | पटाखों की वजह से विविध स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है |

पटाखों के विषेले धुए से व्यक्ति को दिक्कत हो जाती है | जितना प्रदुषण हर दिन होता है उससे ज्यादा प्रदुषण दिपावली के दिन होता है | प्रदुषण मानवी जीवन के लिए बहुत हानिकारक है | विषेले धुएं के कारण पूरा पर्यावरण प्रदूषित हो जाता है | इन पटाखों के धुएं के कारण ध्वनि प्रदुषण, भूमि प्रदुषण और वायु प्रदुषण इ प्रकार के प्रदुषण होते है|

वायु प्रदुषण

दिपावली के त्यौहार पर वायु प्रदुषण का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है | पटाखों के जलने के बाद उसमे से निकलने वाले धुएं के कारण हवा काफी प्रदूषित हो जाती है | उसकी वजह से लोगो को सांस् लेने में बहुत बड़ी दिक्कत हो जाती है |

भूमि प्रदुषण

जले हुए पटाखों के टुकड़े के कारण भूमि प्रदुषण की समस्या उत्पन्न हो जाती है | यह सब कचरा साफ करने के लिए काफी वक्त लगता है | कुछ न सड़ने और गलने वाले वस्तु होते है | इन वस्तुयों के कारण भूमि की वृद्धि होने लगती है |

ध्वनि प्रदुषण

पटाखों के कारण ध्वनि प्रदुषण बहुत होता है | पटाखों में से निकलने वाले आवाज के कारण ध्वनि प्रदुषण होने लगता है | पटाखा खाली उजाला नही बिखरते है बल्कि उसमे से काफी धुँआ और ध्वनि प्रदुषण प्रदुषण भी होता है | इन सब का परिणाम मुख्यत: जानवर, लोगो को और छोटे बच्चे लोग के ऊपर होता है |

निष्कर्ष :

हमें समझना होगा की पटाखे जलाने से त्यौहार नही मनाया जाता है | उसकी वजह से  प्रदुषण होता है और वो मनुष्य के सेहत के लिए बहुत हानिकारक है |

Updated: February 21, 2019 — 12:40 pm

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